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हिट एंड रन कानून का विरोध: ट्रांसपोर्टरों व निजी बस संचालकों की हड़ताल जारी, बिगड़ी परिवहन व्यवस्था

Tue, 02 Jan 2024 02:04 PM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल/फतेहाबाद (हरियाणा)

सार

केंद्र सरकार ने हिट एंड रन केस के लिए नया कानून बनाया है। जिसका देशभर में विरोध किया जा रहा है। इस विरोध का असर हरियाणा में भी देखने को मिल रहा है। जिसके कारण यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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बस के इंतजार में यात्री - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिट एंड रन के नए कानून के विरोध में ट्रांसपोर्टरों व निजी बस संचालकों की हड़ताल मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रही। ट्रांसपोर्टरों की तरफ से बुलाई गई हड़ताल के दूसरे दिन कैथल के अधिकतर ऑटो चालकों ने भी वाहन चालकों को अपना समर्थन दिया है। इसके तहत मंगलवार सुबह से शहर में कई स्थानों पर ऑटो नहीं चलाए गए। इसके साथ ही ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल के कारण कई व्यापारियों का माल नहीं आ सका है। बुधवार को रोडवेज कर्मी भी वाहन चालकों के समर्थन में दो घंटे तक प्रदर्शन करेंगे। इस प्रदर्शन के बाद रोडवेज बसों की हड़ताल करने को आगामी निर्णय लिया जाएगा। 

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बिगड़ी परिवहन व्यवस्था, नहीं चली निजी बसें
फतेहाबाद में मंगलवार को सड़क पर एक भी निजी बस दिखाई नहीं दी, जिस कारण लोकल रूटों पर जाने वाले यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। फतेहाबाद से रतिया, टोहाना, भूना, नरवाना, भट्टू कलां, नोहर, भादरा व सिरसा के लिए निजी बसें चलती हैं। जिले में 107 निजी बसें हैं और सभी का संचालन मंगलवार को पूरी तरह से बंद रहा है।



गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने हिट एंड रन केस के लिए नया कानून बनाया है। इसके तहत अगर वाहन चालक की गलती से दुर्घटना में किसी की मौत हो जाती है और वाहन चालक मौके से फरार हो जाता है तो उसको 10 साल की कैद व सात लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान रखा गया है। इससे बस, ट्रक, पिकअप व टेंपो चालक प्रभावित होंगे। इसी का विरोध कई राज्यों में हो रहा है। मंगलवार को निजी बस संचालकों ने भी इसके विरोध में अपनी बसों को बंद कर दिया।
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फतेहाबाद शहर से विभिन्न गांवों से होकर भी बसें जाती हैं, जो मंगलवार को नहीं चली, जिस कारण विद्यार्थियों व ग्रामीणों को परेशानी हुई। पहले जहां हर 10 से 15 मिनट में रतिया, टोहाना, भूना के लिए निजी बस की सुविधा थी, वह भी नहीं मिली और यात्रियों को लंबे सयम तक बसों का इंतजार करना पड़ा। खासतौर पर ग्रामीण तबके के लोगों को अधिक परेशानी हुई। रोडवेज की बसें अपनी समय के हिसाब से चली, जिस कारण उनमें काफी भीड़ देखने को मिली। 

अधिकारी के अनुसार
हम प्रयास कर रहे हैं कि यात्रियों को इस हड़ताल की वजह से कोई परेशानी न आए। रोडवेज की बसों के फेरे बढ़ाए जा रहे हैं, ताकि यात्रियों को गंतव्य तक समय पर पहुंचाया जा सके। -शेर सिंह, रोडवेज महाप्रबंधक, फतेहाबाद।

बहादुरगढ़ में झज्जर-बादली मार्ग जाम
हिट एंड रन कानून के विरोध में बादली के गांव पाहसोर में इंडोस्पेस कंपनी के सामने झज्जर-बादली मार्ग पर ट्रक ऑपरेटरों ने जाम लगा दिया। नए कानून का विरोध जताते हुए इसे वापस लेने की मांग की गई। पुलिस अधिकारियों के आश्वासन पर जाम खोला गया। वहीं, बहादुरगढ में भी कई यूनियनों के ट्रांसपोर्टरों ने इकट्ठे होकर नए कानून के विरोध में नारेबाजी की। इसके बाद एसडीएम राहुल मोदी को परिवहन मंत्री के नाम मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा।
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सोनीपत में परेशान दिखे यात्री
सोनीपत में किलोमीटर स्कीम के तहत चलने वाली बसों के चालक हड़ताल में शामिल होकर सरकार के खिलाफ नारे लगाते दिखे। जबकि परिवहन समितियों की कुछ बसें सड़कों पर दौड़ती नजर आई। किलोमीटर स्कीम की बसें नहीं चलने से लंबे रूटों सहित कई लोकल रूटों पर भी परिवहन सेवाएं बाधित रही, जिससे यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी।

मंगलवार को बस अड्डा गेट पर किलोमीटर स्कीम व परिवहन समिति बस चालकों ने नारेबाजी करते हुए इस कानून को वापस लेने की मांग की। रोषित चालकों ने कहा कि जब तक उनकी मांगे पूरी नही हो जाती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।

देहरादून, हरिद्वार, मेरठ रूट रहे बंद
हिट एंड रन को लेकर बनाए गए नए कानून के विरोध में उत्तर प्रदेश में भी चक्का जाम रहा। चालकों के विरोध के कारण देहरादून, हरिद्वार व मेरठ रूट पूरी तरह बंद रहे। जबकि बड़ौत जाने वाली बसें गौरीपुर तक ही चली। सोनीपत डिपो से देहरादून एक बस, हरिद्वार व मेरठ दो-दो बसें जाती हैं। जबकि बड़ौत रूट पर पांच बसों का परिचालन किया जाता है, लेकिन उत्तर प्रदेश में हो रहे विरोध के चलते इस रूट पर परिवहन सेवाएं बाधित रही।

किलोमीटर स्कीम के तहत काम करने वाले चालक नए कानून के विरोध में हड़ताल पर रहे। जिसके कारण किलोमीटर स्कीम के तहत चलने वाली बसें बंद रही। पहले दिन के मुकाबले मंगलवार को परिवहन समितियों की कुछ बसें चली हैं। यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा देने का प्रयास किया गया है। जिस भी रूट पर यात्रियों की संख्या अधिक होती है, उसी रूट पर बस को रवाना किया जा रहा है। - राहुल जैन, महाप्रबंधक, रोडवेज डिपो, सोनीपत
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