पांच साल पहले नौकरी पर लगे ड्राइंग टीचर्स की परीक्षा लिए जाने के विरोध में हरियाणा अध्यापक संघ ने प्रदर्शन कर डीसी को ज्ञापन दिया। जिसमें डीसी के माध्यम से हरियाणा सरकार से मांग की गई है कि इन अध्यापकों की यह परीक्षा रद्द की जाए।
हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के अनुसार वर्ष 2010 में नियुक्त 816 ड्राइंग टीचर्स की आगामी 29 नवंबर को को दोबारा से ली जा रही है। जो कि इन अध्यापकों के साथ अन्याय है। संघ के सचिव बूटा सिंह, प्रेस प्रवक्ता रामपाल शर्मा ने कहा कि हरियाणा सरकार हर रोज किसी न किसी वर्ग के अध्यापक को बहाना बना कर घर भेजने पर तुली हुई है।
वर्ष 2010 में नियुक्त 816 ड्राइंग टीचर्स वर्ष 2000 में नियुक्त प्राथमिक शिक्षक, 2004 में नियुक्त एसएस मास्टरर्ज, 2011 में नियुक्त पीटीआई, 2014 में नियुक्त पीजीटी सभी पर कार्ट की तलवार लटकी हुई है। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के राज्य लेखा परीक्षक जयप्रकाश शास्त्री व तरसेम सिंह ने कहा कि नव नियुक्त पीजीटी को बजट का बहाना बना कर रमसा में दिया जाना भी सरकार की नियत पर संदेह पैदा करता है।
इसी के विरोध में जिला प्रधान सतबीर गोयत की अध्यक्षता में प्रदर्शन किया गया है। सतबीर गोयत ने कहा कि जिसका हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ पुरजोर विरोध करेगा और 25 नवंबर को करनाल में होने वाली सर्व कर्मचारी संघ की रैली में इस मुद्दे को जोर शोर से उठाया जाएगा।
इस अवसर पर हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के जिला कोषाध्यक्ष विजेंद्र मोर, बलजीत सिंह ,कृष्ण आर्य व सतीश शर्मा, कृष्ण कौशिक, जोगिन्द्र पाल, निशांत, सुनील, प्रदीप, संदीप व संजीव ने भी सम्बोधित किया।