प्राइवेट बसों के चालकों व परिचालकों ने सरकारी बस स्टेंड के अधिकारियों, कर्मचारियों पर मारपीट का आरोप लगाते हुए हड़ताल कर दी। सभी बसें अनाज मंडी में खड़ी करके रोष प्रकट किया। प्राइवेट बस चालकों व परिचालकों प्रगट सिंह, संदीप, बिंद्र, इंद्र, जग्गू, पवन, जोगिंद्र, काला व सुरेंद्र ने बताया कि कल शनिवार को सवारियों को लेकर बस स्टेंड इंचार्ज व एक प्राइवेट बस चालक व परिचालक के बीच झगड़ा हो गया था।
जिस पर स्टेंड अधिकारियों ने अपनी सरकारी बसों के चालकों व परिचालकों के साथ मिलकर एक प्राइवेट बस के परिचालक की पिटाई कर दी थी। इस मामले में कोई कार्रवाई न होने के कारण उन्होंने हड़ताल कर दी। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता तब तक वे एक भी प्राइवेट बस चीका-कैथल रूट पर नहीं चलाएंगे।
प्राइवेट बस संचालकों के ब्लाक प्रधान जरनैल सिंह ने कहा कि सरकारी बस स्टेंड इंचार्ज द्वारा एक प्राइवेट बस परिचालक के साथ की गई मारपीट सरासर गलत है। जिसके विरोध में सोमवार को जिला स्तरीय एक बैठक बुलाई गई है जिसमें उक्त मामले की आरटीए व जीएम रोडवेज को शिकायत करके कार्रवाई की मांग की जाएगी।
हड़ताल के कारण लोगाें को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बसों की इंतजार में कैथल रोड पर खड़ी सवारियों रमेश कुमार, जितेंद्र कुमार, ज्ञान सिंह, दलबीर सिंह, जरनैल सिंह, रत्ना राम, शिव कुमार, संजय कुमार, प्रवीण कुमार, भतेरी देवी, रोशनी देवी, पूजा, बबीता व भागवंती ने कहा कि हड़ताल के कारण उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।