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Kaithal News: अफसरों ने ईंटों के पट्ट पर रखा वीर शहीदों का गौरव

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राजकीय स्कूल में आधे-अधूरे तरीके से स्थापित शहीद की प्रतिमा। एस
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कैथल। वीर शहीदों के सम्मान के लिए प्रशासनिक अधिकारियों पर लापरवाही और संवेदनहीनता का आरोप लगा है। जिला परिषद कार्यालय में करीब दो साल से रखी गई शहीदों की प्रतिमाओं को गांवों में तो भिजवा दिया गया लेकिन वहां इन प्रतिमाओं को बिना किसी तैयारी और गरिमा के स्थापित कर दिया गया है। इसके लिए पूर्व सैनिक एसोसिएशन ने कड़ा एतराज जताया है। पूर्व सैनिक एसोसिएशन के प्रधान जगजीत फौजी ने आरोप लगाया कि गांवों में पहुंचाई गई कई प्रतिमाएं उचित ऊंचे चबूतरों के बजाय अस्थायी रूप से ईंटों के पट्ट पर रख दी गई हैं, तो कुछ को बिना किसी आधार के गौरव पट्ट के ऊपर ही टिका दिया गया है।
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उन्होंने आरोप लगाया कि देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले इन जाबाजों की प्रतिमाओं के नीचे न तो उनकी वीर गाथा का कोई पट्ट लगाया गया है और न ही आसपास की दीवारों पर कोई रंग-रोगन किया गया है। इतना ही नहीं, प्रतिमाओं को सुरक्षित रखने के लिए चारों तरफ लगाई जाने वाली ग्रिल भी नदारद है।
प्रधान के अनुसार, हाल ही में शहीद सिपाही हरभजन सिंह राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय स्हू माजरा, शहीद सिपाही मलूक सिंह राजकीय मिडिल स्कूल पोलड़, शहीद सिपाही बलदेव सिंह राजकीय मिडिल स्कूल मलिकपुर और शहीद सिपाही संतोष सिंह कुचिया प्लांट में शहीद की प्रतिमा गौरव पट्ट के ऊपर ही रखी गई है।
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42 में से 25 का काम अधूरा, 17 को किया गया था कैद
जिले में कुल 42 वीर शहीदों की प्रतिमाएं लगाई जानी तय हुई थीं। प्रशासनिक ढुलमुल रवैये के कारण अब तक केवल 25 प्रतिमाएं ही गांवों में पहुंचाई जा सकी हैं लेकिन उन पर भी काम पूरी तरह अधूरा है। शेष 17 प्रतिमाओं को जिला परिषद कार्यालय के एक कमरे में बंद करके रखा गया था। अमर उजाला में इस संबंध में समाचार प्रकाशित होने और पूर्व सैनिकों की ओर से तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करने के बाद, अधिकारियों ने इन प्रतिमाओं को कार्यालय से उठवाकर गांवों की तरफ रवाना कर दिया लेकिन लगाने में खानापूर्ति बरकरार है।
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ठेकेदार की पेमेंट और काम दोनों अटके
इस परियोजना के तहत प्रत्येक शहीद की प्रतिमा की स्थापना और सुंदरीकरण पर 96 हजार रुपये खर्च होना तय हुआ था। इस बजट में प्रतिमा, चबूतरा, वीर गाथा पट्ट, पेंट और लोहे की सुरक्षा ग्रिल शामिल थी। इसके बावजूद ठेकेदार को समय पर भुगतान नहीं किया गया। पेमेंट न होने के कारण ठेकेदार ने बीच में ही काम रोक दिया जिससे पूरी योजना अधर में लटक गई और अफसरों ने आधी-अधूरी स्थिति में ही प्रतिमाएं गांवों में रखवा दीं। पूर्व सैनिक एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने इस पूरे घटनाक्रम पर गहरा रोष व्यक्त किया है। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सभी 42 प्रतिमाओं को पूरे सम्मान, वीर गाथा पट्ट और सुरक्षा ग्रिल के साथ विधिवत स्थापित नहीं किया गया, तो पूर्व सैनिक अगला कदम उठाने के लिए मजबूर होंगे।
जिला परिषद के सीईओ गुलजार मलिक का कहना है कि ये मामला उनके ज्वाइन करने से पहले का है लेकिन उन्होंने इस बारे में कर्मचारियों से फाइल मंगवा ली है। शहीदों की प्रतिमाएं नियमानुसार सम्मान के साथ स्थापित की जाएंगी।

राजकीय स्कूल में आधे-अधूरे तरीके से स्थापित शहीद की प्रतिमा। एस

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