गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण हो रहा सबसे अधिक प्रभावित
एनएचएम की हड़ताल सातवें दिन भी रही जारी
एंबुलेंस का संचालन भी कौशल निगम के कर्मचारी कर रहे
लैब का कार्य भी प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन यानि एनएचएम के कर्मचारियों की हड़ताल वीरवार को सांतवें दिन भी जारी रही। कर्मचारियों ने वीरवार को भी मांगों को लेकर जिला नगारिक अस्पताल के बाहर धरना देकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और रोष जताया। एनएचएम के तहत लगे कर्मचारियों की हड़ताल के कारण अब सबसे अधिक गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण कार्य प्रभावित हो रहा है।
यही नहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में हड़ताल के कई स्वास्थ्य केंद्रों में गर्भवती महिलाओं की डिलिवरी भी नहीं हो पा रही है। अब इन महिलाओं को दूर का सफर तय करके किसी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र या जिला स्तर पर सामान्य अस्पताल में जाना पड़ रहा है। बता दें कि स्वास्थ्य विभाग ने कर्मचारियों की हड़ताल के चलते हरियाणा कौशल निगम के तहत लगे कर्मचारियों के माध्यम से करीब एबुलेंस का संचालन शुरू किया गया है।
वहीं, एनएचएम के तहत लगी नर्सिंग स्टाफ की ओर से कार्य न करने से मरीजों को परेशानियां हो रही हैं। कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से प्रसूति कार्य, सभी स्तर पर माता और शिशुओं का दी जाने वाले टीकाकरण, जन्म-मृत्यु कार्य, टीबी का टीकाकरण, प्रजनन एवं बाल स्वास्थ्य का कार्य प्रभावित हो रहा है। विभाग के पास इस समय 21 एंबुलेंस हैं।
इसमें से महज नौ एंबुलेंस ही संचालित हो पा रही हैं। विभाग में एनएचएम के तहत 513 कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें से 465 कर्मचारी हड़ताल में शामिल हैं। वहीं, एंबुलेंस सेवा म कुल 53 कर्मचारी हैं, इनमें 52 कर्मचारी हड़ताल पर चल रहे हैं। सिविल सर्जन कार्यालय में 29 में से 27 कर्मचारी हड़ताल पर हैं। हड़ताल के चलते स्वास्थ्य सेवाएं लगातार बाधित हो रही हैं। इस कारण लोगों को इलाज के लिए परेशानी आ रही है। धरने पर आशीष शर्मा, शिवकुमार, केशरा, संजीव जूद, पूनम गुगलानी, नवीन, सतबीर, शीला देवी आदि मौजूद थे।
बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी एसोसिएशन चार को करनाल में करेगी प्रदर्शन-
कैथल। बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी एसोसिएशन के बैनर तले प्रदेश के स्वास्थ्य कर्मी अपनी लंबित मांगों को लेकर आगामी चार अगस्त को मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र करनाल में प्रदर्शन करेंगे। यह जानकारी स्वास्थ्य सुपरवाइजर संघ के प्रदेश अध्यक्ष राममेहर वर्मा, प्रचार सचिव राकेश सिवाच, उपप्रधान सुमित्रा देवी ने दी है। इन पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से बताया कि यदि चार अगस्त तक स्वास्थ्य कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो आगामी चार अगस्त को अगले आंदोलन का ऐलान भी कर दिया जाएगा। इसमें सरकार के प्रत्येक मंत्रियों के आवास के साथ विपक्षी दलों के कार्यालयों पर भी भूख हड़ताल करने पर बाध्य होंगे।