पूर्व सांसद अशोक तंवर ने कहा कि अन्याय के खिलाफ उठी आवाज को कोई भी राजा डंडे के बल से दबा नहीं सकता। जब-जब किसी राजा ने इस तरह आवाज को दबाने का काम किया तो उसे कुर्सी से हाथ धोना पड़ा। कुछ ऐसा ही भविष्य में आज के राजा के साथ होने वाला है।
पूर्व सांसद ने रविवार को कौल में एक शादी समारोह में शरीक होने के बाद पत्रकारों से बातचीत की।
उन्होंने तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ धरना दे रहे किसानों का समर्थन करते हुए भाजपा सरकार से मांग की कि कृषि कानूनों को तुरंत प्रभाव से रद्द किया जाए। तंवर ने कहा कि अपने कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करके शीघ्र ही नए संगठन की घोषणा कर दी जाएगी। इसके लिए 25 फरवरी को प्रदेश भर में अनेक स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिसमें नया संगठन बनाने के लिए कार्यकर्ताओं से विचार-विमर्श किया जाएगा। ईश्म सिंह सगवाल, भगवान दास धानिया, रविंद्र कुमार ढांडा, तेजवीर सिंह, रणधीर सिंह हरनामपुर, गगनदीप नरवाणा, कर्मबीर कौल, सुभाष ढांडा, रामसिंह, महेंद्र सिंह, बलवान सिंह, रामदास व श्यामलाल मौजूद थे।