कैथल। पिछले सप्ताह 13 व 16 मार्च को कैथल के माल ढुलाई ठेकेदार से 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में पुर्तगाल के मोबाइल नंबर प्रयोग किया। इसी नंबर के आधार पर पुलिस मुख्य आरोपियों तक पहुंचने में कामयाब रही। मामले में पुलिस के साइबर विशेषज्ञों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और वारदात का खुलासा हो गया।
पुलिस के मुताबिक, चीका निवासी कुलदीप के खिलाफ पटियाला में दिसंबर 2020 में हत्या का एक मामला दर्ज हुआ था। इस मामले में वह भगोड़ा करार दिया था। इसी मामले में उसका सहयोगी पंजाब के हसनपुर निवासी राजपाल भी भगोड़ा है। वह जेल से बाहर आकर पुर्तगाल चला गया। जब ठेकेदार चीका के ही प्रगट सिंह से कुलदीप ने पैसे मांगे तो प्रगट सिंह ने जितेंद्र ठेकेदार का नंबर दे दिया। इसके बाद कुलदीप ने जितेंद्र से पैसे मांगने के लिए पुर्तगाल में बैठे राजपाल की मदद ली। राजपाल ने ही उन्हें वहां का वास्तविक मोबाइल नंबर लेने में मदद की। उसे कोड आदि पूछ कर वर्चुअल तरीके से पुर्तगाल का मोबाइल नंबर उपलब्ध करवा दिया। इसी नंबर से व्हाटस-एप के माध्यम से कॉल करके जितेंद्र से रंगदारी मांगी गई।
पुलिस अब इंटरपोल व दूसरी एजेंसियों की मदद से राजपाल की गिरफ्तारी के लिए प्रयास करेगी। एसपी मकसूद अहमद ने कहा कि साइबर विशेषज्ञ की मदद से यह केस जल्द सुलझाने में मदद मिली। एएसआई रणदीप का इसमें काम सराहनीय रहा। जांच में पता चला कि कुलदीप ने वास्तविक नंबर जेनरेट करवाया था। इसके बाद कुलदीप व प्रगट सिंह से पूछताछ में पूरे मामले का खुलासा हो गया। आरोपियों के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त मोबाइल पुलिस ने जब्त कर लिया। जांच में सामने आया कि आरोपी कुलदीप व जगदीप पर थाना सदर पटियाला में हत्या करने का एक मामला पहले से ही दर्ज है। इसके अलावा जगदीप पर थाना गुहला व थाना चीका में लड़ाई-झगड़े का भी मामला दर्ज है।