संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। केंद्र सरकार की तरफ से वीरवार को स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 का परिणाम जारी किया गया है। इसमें कैथल को देश में 365वां स्थान मिला है और वहीं प्रदेश में कैथल नगर परिषद का 18वां रैंक है। इससे साफ है कि कैथल नगर परिषद की इस सर्वेक्षण में सफाई को लेकर प्रदर्शन काफी फिसड्डी रहा है।
गौरतलब है कि पिछले वर्ष सर्वेक्षण के परिणाम में कैथल 177वें नंबर पर पूरे देश में रहा था, लेकिन इस बार यह फिसलकर 365वें पायदान पर पहुंचा हैं। इसी प्रकार पिछले वर्ष प्रदेश में कैथल का 14वां स्थान प्रदेश में रहा था।
जिले की पूंडरी नगरपालिका को प्रदेश में 20वां और चीका नगर पालिका को 29वां स्थान मिला है। कलायत को 33वां और सीवन को 51वां व राजौंद को 56वां स्थान मिला है। जिस प्रकार से परिणाम जिले में नगर परिषद और पालिकाओं के आए हैं, उसे देखते हुए अभी सफाई व्यवस्था में और अधिक ध्यान देने की जरूरत है।
रात के समय नहीं है सफाई की व्यवस्था ः पिछले करीब डेढ़ साल से कैथल नगर परिषद की ओर से रात के समय सफाई की निविदा सूचना जारी नहीं की गई है। इस कारण भी शहर में सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। इस निविदा सूचना जारी करने से 65 सफाई कर्मियों को रोजगार मिलता था और शहर में सफाई व्यवस्था बेहतर होती थी।
इसके साथ ही डोर टू डोर कचरा उठान में भी अनियमितता बरती जा रही है। इसमें ठेकेदार कचरे का वजन अधिक दिखाता है। ऐसे में शहर में कचरा कम नहीं होता, बल्कि बढ़ता जा रहा है। इसके साथ ही शहर में सार्वजनिक शौचालय की हालत बेहद खस्ता हो चुकी है। ऐसे में सफाई के मामले में कैथल नगर परिषद लगातार बिछड़ रही है।
नगर पालिका सफाई कर्मचारी संघ के राज्य मुख्य संगठनकर्ता शिवचरण ने बताया कि कैथल नगर परिषद में 800 के करीब सफाई कर्मचारी चाहिए, लेकिन इससे आधे महज 400 के करीब सफाई कर्मी ही तैनात है। अब और करीब 60 कर्मियों की छंटनी करने की योजना बनाई जा रही है। ऐसे में तो और अधिक सफाई व्यवस्था चरमरा जाएगी।
स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 का परिणाम
नगर पालिका/परिषद
प्रदेश में रैंक
देश में रैंक
कैथल
18
365
पूंडरी
20
1974
चीका
29
2442
कलायत
33
2510
सीवन
51
3229
राजौंद
56
3374
इस बार कैथल का सफाई में प्रदर्शन उम्मीद के अनुसार बेहतर नहीं रहा। अपनी कमियों को दूर करने का प्रयास करेंगे। पिछले साल पूरे देश में कैथल नगर परिषद को 177वां स्थान मिला था। अब 365वां आया है। इसी प्रकार से प्रदेश में 18वां स्थान मिला है। इसके तहत सफाई व्यवस्था को और अधिक सुधारा जाएगा।
-कुलदीप मलिक, कार्यकारी अधिकारी, कैथल नगर परिषद
पिछली बार परिणाम बेहतर था। इस बार जो कमियां हैं, उन्हें दूर करने के लिए संबंधित कर्मचारी और अधिकारियों के साथ बैठक कर योजना बनाएंगे और काम करेंगे। सुरभि गर्ग अध्यक्ष, नगर परिषद अध्यक्ष
स्वच्छ सर्वेक्षण 2022
आजादी अमृत महोत्सव के तहत जारी हुए स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 में हरियाणा के तीन शहरों ने शीर्ष-100 में जगह बनाई थी। इनमें कैथल का नाम नहीं था। टॉप थ्री में गुरुग्राम, रोहतक और फरीदाबाद का नाम था। छोटे राज्यों की श्रेणी में हरियाणा को पहला स्थान हासिल हुआ था। कैथल हरियाणा में 13वें नंबर पर रहा था। उसकी 3130 अंकों के साथ 177वीं रैंक रही थी। उसके पीछे केवल थानेसर ही था।
रैंक गिरने के ये हैं कारण
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रात में सफाई कार्य जुलाई 2023 से बंद है। इसमें 65 सफाई कर्मी लगाए थे, जिन्हें हटा दिया गया है।
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शहर की जनसंख्या अनुसार पर्याप्त सफाई कर्मी नहीं है। इस समय करीब 400 सफाई कर्मी हैं। जबकि 800 होने चाहिए।
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डोर टू डोर कचरा निविदा के तहत कचरा प्रबंधन जरूरत अनुसार नहीं हो रहा है।
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शहर के कचरा प्वाइंट पर निस्तारण की सुविधा बेहतर नहीं है।
डोर टू डोर कचरा प्रबंधन पर खर्च किए नौ करोड़ रुपये से अधिक, फिर भी परिणाम में पिछड़े
गौरतलब है कि कैथल नगर परिषद की ओर से शहर में केवल डोर टू डोर कचरा प्रबंधन पर नौ करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की गई, लेकिन इसके बावजूद स्वच्छ सर्वेक्षण के परिणाम में परिषद पिछड़ी है। यदि इसका सही तरीके से कचरा प्रबंधन किया जाए तो और अधिक सुधार परिणाम में हो सकता है। लोगों का कहना है कि सफाईकर्मियों को भी इस संबंध में सहयोग करना चाहिए।