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Kaithal News: चीका नगर पालिका में सियासी हलचल तेज

Fri, 20 Jun 2025 01:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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गुहला-चीका। नगर पालिका चीका की उपाध्यक्ष पूजा रानी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले 12 विपक्षी पार्षदों ने वीरवार को एकजुटता का प्रदर्शन किया। शक्ति प्रदर्शन के जरिए विपक्षी खेमे ने यह संदेश देने की कोशिश की कि उनके बीच पूरी एकता है और सत्तापक्ष को तोड़ने की कोशिशें विफल रहेंगी।

विपक्षी पार्षदों की अगुवाई कर रहे तरसेम गोयल ने कहा कि सत्ता पक्ष यह भ्रम फैला रहा है कि उनके पार्षदों में टूट हो रही है, जबकि सच्चाई यह है कि खुद सत्तापक्ष के दो पार्षद उनके संपर्क में हैं और वोटिंग के दिन वे भी अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान करेंगे।
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राजीव शर्मा का पलटवार: उधर, उपाध्यक्ष पूजा रानी के पति और भाजपा के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष राजीव शर्मा ने विपक्ष के दावों को खारिज करते हुए कहा कि उनके पास बहुमत है और अविश्वास प्रस्ताव पूरी तरह असफल होगा।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के ही कुछ नेता कांग्रेस के साथ मिलकर यह साजिश रच रहे हैं, लेकिन इसे किसी भी सूरत में सफल नहीं होने दिया जाएगा। राजीव शर्मा ने बताया कि वे इस मसले को जल्द ही भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बड़ोली के समक्ष उठाएंगे।

डीसी को सौंपा था पत्र, डीएमसी ने बुलाई बैठक : पालिका अध्यक्ष रेखा रानी और उपाध्यक्ष पूजा रानी से नाराज 12 पार्षदों ने कुछ दिन पहले डीसी कैथल को ज्ञापन सौंपा था, जिसमें उपाध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास जताते हुए बैठक बुलाने की मांग की गई थी।

नाराज पार्षदों ने नगर पालिका में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कहा था कि उपाध्यक्ष पूजा रानी उनकी बात नहीं सुनतीं और वार्डों में विकास कार्यों की अनदेखी कर रही हैं। डीसी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएमसी को निर्देश दिए थे, जिसके बाद आगामी 3 जुलाई को अविश्वास प्रस्ताव पर बैठक निर्धारित की गई है।
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पार्टी का मामला नहीं, मुद्दा विकास का है ः दलबीर सिंह सीड़ा

वार्ड नंबर दो के पार्षद दलबीर सिंह सीड़ा ने कहा कि यह अविश्वास प्रस्ताव किसी पार्टी का मामला नहीं है, बल्कि नगर विकास से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने कहा कि वे निर्दलीय पार्षद के रूप में निर्वाचित हुए हैं और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से भी शहर के विकास के लिए मिल चुके हैं। उनका आरोप है कि पालिका अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की कार्यशैली के कारण वार्डों के विकास कार्य ठप हो गए हैं। इसी कारण अविश्वास प्रस्ताव लाना जरूरी हो गया है।
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