कलायत में नव निर्वाचित पार्षदों को सम्मानित करते नगर पालिका प्रधान अंकित जैलदार
कलायत। नगर पालिका आम चुनाव में भाजपा प्रत्याशी मैनपाल राणा को हराकर जीत हासिल करने वाले निर्दलीय प्रधान अंकित जैलदार राजनीतिक भविष्य के लिए चिंतित नजर आ रहे हैं। उन्हें खास तौर से सत्तासीन भाजपा के आशीर्वाद और सभी 16 पार्षदों के सहारे की जरूरत है।
इस राह को आसान करने के लिए उन्होंने रविवार को सभी निर्वाचित पार्षदों को अपने आवास पर जलपान के लिए निमंत्रण दिया। इसमें अधिकतर पार्षद शामिल हुए जबकि जो नहीं आए उसके लिए प्रधान ने किसी अन्य कार्य में व्यस्त होने का तर्क दिया। जबकि निमंत्रण के उपरांत भी आयोजन में न आने वाले पार्षदों के पीछे कुछ अन्य राजनीतिक विषयों के पेंच की चर्चाएं प्रबल हैं।
कलायत की परंपराओं मेेंं इस निमंत्रण को राजनीति से अलग रखा जा रहा है। देश की आजादी के बाद से ही ग्राम पंचायत और नगर पालिका की परंपरा में नव निर्वाचित जन प्रतिनिधियों को भोजन, चाय और सम्मान के लिए आमंत्रित करने की परंपरा का निर्वहन सरपंच और प्रधान की तरफ से किया जाता रहा है। इसलिए अधिकांश पार्षदों ने इस सौहार्दपूर्ण परंपरा से दूरी नहीं बनाई। यही वजह है कि जो सियासी रंग इस आयोजन के जरिये आने वाले समय के मद्देनजर चढ़ना था वह चढ़ नहीं पाया।
पालिका में करीब एक दशक से भाजपा की पताका फहरती आ रही है। सदन में अविश्वास प्रस्ताव के बाद वर्ष 2016 में प्रधान चुनी गई सुरेश रानी के बाद से ही नपा में भाजपा के हाथ में पालिका की चौधर रही है। पिछले दौर मेंं पार्षदोंं के माध्यम से प्रधान का चयन होता था। 2025 में पहली बार सीधे तौर से नगर पालिका प्रधान के चुनाव हुए हैं। इसमें सत्तारूढ़ दल भाजपा के प्रत्याशी मैनपाल राणा को हराकर आजाद प्रत्याशी अंकित जैलदार प्रधान चुने गए। जैलदार पहले भाजपा से प्रधान पद की टिकट मांग रहे थे। टिकट न मिलने पर उन्होंने बागी तेवर अपनाए और भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ चुनावी रण में ताल ठोक दी।