गांव बात्ता का किसान महेंद्र सिंह राणा
कलायत। चौधरी चरण सिंह कृषि विश्वविद्यालय में गांव बात्ता के प्रगतिशील किसान महेंद्र सिंह राणा को सोमवार को सम्मानित किया जाएगा। कैथल से इस सम्मान के लिए गांव बात्ता के महेंद्र राणा और जसवंती से नीलम जसवंती को चुना है। इस मेले में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. बीआर कंबोज मुख्य अतिथि रहेंगे और जर्मनी फ्रेंकफर्ट के सांसद राहुल कुमार विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे।
डाॅ. रमेश चंद्र वर्मा ने बताया कि हिसार में होने वाले वार्षिक मेले में हर जिला के दो प्रगतिशील किसानों को विशेष तौर से सम्मानित किया जाता है और उनके अनुभवों को सब लोगों से सांझा करवाया जाता है। डाॅ. वर्मा ने बताया की महेंद्र सिंह राणा को यह सम्मान फसल अवशेष प्रबंधन व प्राकृतिक खेती के लिए दिया जा रहा है। महेंद्र सिंह ने बताया की पिछले 10 वर्षों ने उन्होंने अपने खेतों में किसी भी रसायन या उर्वरकों का प्रयोग नहीं किया है।
उर्वरकों के बजाय वे जीवमृत और घनजीवामृत को अपने खेत में ही तैयार करके प्रयोग में लाते हैं। यदि कोई रसचूसक कीट फसल पर दिखाई दें तो वे नीमास्त्र या नीम तेल को प्रयोग में लाकर कीटों पर नियंत्रण करते हैं। फसल अवशेष प्रबंधन के लिए पूरी तरह से मल्चिंग विधी का प्रयोग करते हैं। फसल अवशेषों को वे तो जलाते हैं व ही दुरुपयोग करते हैं। अवशेषों को खेत की मृदा में ही मिला देते हैं। उन्होंने बताया की वे बासमती धान की 30 नंबर किस्म शुरू से ही लगा रहे हैं।