भारतीय जनता पार्टी की सरकार को प्रदेश में आज एक साल पूरा हो गया है। कैथल जिले में सरकार के एक साल के कार्यकाल में जिला मुख्यालय कैथल शहर सत्ता की भागीदारी से अभी तक दूर है। ना तो यहां विकास के लिए बड़ी ग्रांट ही मंजूर हुई है। न ही कैथल शहर से किसी भाजपा नेता को अभी तक सत्ता में भागीदारी मिली है।
चूंकि यहां से कांग्रेस प्रत्याशी एवं पूर्व मंत्री रणदीप सुरजेवाला बड़े मतों के अंतर से विजयी हुई थे। सरकार की उपेक्षा का एक कारण यह भी माना जा रहा है। सरकार में स्वयं सीएम मनोहर लाल ने कैथल के ग्रामीण इलाकों में संस्कृत विश्वविद्यालय एवं पशु विश्वविद्यालय के रिजनल सेंटर बनाए जाने का ऐलान किया है।
साथ ही गुहला-चीका एवं पूंडरी में विकास की परियोजनाओं की घोषणा भी की है। लेकिन जिला मुख्यालय कैथल शहर एवं कलायत हलके में इस पहले साल में सरकार की उपस्थिति ज्यादा नजर नहीं आ रही है। वह भी तब, जब स्वयं मुख्यमंत्री कैथल शहर में दो बार बड़ी जनसभाओं को संबोधित कर चुके हैं और एक राष्ट्रीय पर्व पर तिरंगा फहरा चुके हैं।
ग्रांट को तरसा नगर परिषद कैथल
कांग्रेस सरकार के समय में शहर में पुराने बस अड्डे पर सिटी सेंटर, बैंकिंग स्कवॉयर, कमेटी चौक पर मल्टी स्टोरी पार्किंग, कचरे से बिजली बनाने, भाई उदय सिंह के किले के निकट बनने वाले खेल के मैदान सहित कई बड़े विकास कार्यों के लिए काम शुरू हो गया था। लेकिन सरकार बदलने के बाद से इन विकास कार्यों पर एक तरह से अघोषित रोक लगी हुई है।
नया ग्रांट न मिल पाने के कारण इन पर खर्च की जा चुकी करोड़ों रुपये की राशि भी अब बर्बाद होने लगी है। पुराने बस अड्डे की जगह में सिटी सेंटर पर करीब 1 करोड़ रुपये से काम हो चुका है। लेकिन यह अधूरा पड़ा हुआ है। भाजपा सरकार के एक साल के कार्यकाल में इन प्रोजेक्ट्स पर काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है। इसके अलावा शहर में सड़कों के टुकड़ों, गलियों, स्ट्रीट लाइटों, के अधूरे पड़े कार्य के साथ-साथ सीसीटीवी कैमरों कार्य भी अधूरा पड़ा हुआ है।
36 में से अभी तक छह परियोजनाएं पूरी
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अपने पहले ही दौरे में कैथल के आरकेएसडी कॉलेज में ऐलान किया था कि गुहला-चीका में सरकारी कॉलेज बनाया जाएगा। लेकिन आज तक प्रशासनिक तंत्र सीएम के ऐलान के बाद जमीन की तलाश तक सीमित है। इस पर काम आगे नहीं बढ़ पाया। यही स्थिति जिला अस्पताल की है। जिला अस्पताल में 200 बेडों की संख्या को तो मंजूरी मिल चुकी है। लेकिन यह काम कब तक पूरा होगा, अभी तक कुछ पता नहीं है। यहां एमआरआई, सिटी स्कैन की सुविधाएं भी उपलब्ध करवानी थीं। जो नहीं हो पाई। महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम से पूर्व जिले में भाजपा सरकार के कार्यकाल की मुख्यमंत्री की 36 घोषणाओं में से 6 घोषणाएं हुई हैं।
2000 लोगों की नौकरी गई, एक भी रोजगार नहीं : सुरजेवाला
कांग्रेस नेता एवं विधायक रणदीप सुरजेवाला का कहना है कि कैथल जिले के साथ भाजपा भेदभाव बरत रही है। क्योंकि भाजपा का केवल एक विधायक ही यहां से जीत पाया। कांग्रेस सरकार में स्वीकृत विकास परियोजनाओं का सीएम उद्घाटन कर रहे हैं, वहीं पूर्व सरकार में स्वीकृत अंबाला-कैथल हाइवे के फोरलेनिंग कार्य का झूठा श्रेय लेकर सच्चाई को झुठलाया नहीं जा सकता।
सच बात यह है कि कैथल विधानसभा के एक हजार के करीब बच्चे रोजगार पर लगे थे, वे इस एक साल में अपने हाथ से धो बैठे हैं। अतिथि व कंप्यूटर टीचर्स में भी कैथल के लगभग 1000 और नौजवानों को नौकरी खोनी पड़ी। 2000 तो नौकरियों का नुकसान किया। इसके विपरीत एक नई नौकरी भी भाजपा सरकार ने कैथल जिले में नहीं दी। एक भी नया उद्योग स्थापित नहीं हुआ।
उलटा कैथल जिले के राइस मिल मालिक अपना उद्योग धंधा बंद करके पलायन के कगार पर हैं। शहर की 80 के करीब चौपालों पर सरकार इन पर बुलडोजर चलाने की तैयारी एवं जांच के नाम पर निर्माण कार्य रोका हुआ है। उद्योग ठप ठंडा व्यापार, ऐसी रही खट्टर रही सरकार। किसान मजदूर करें हाहाकार, ऐसी रही खट्टर सरकार। मनीष मित्तल हत्याकांड में उसके भाई को डीएसपी की नौकरी एवं लाखों का मुआवजा दिलवाने वाले नेताओं के दावे धरे रह गए। कानून व्यवस्था की स्थिति भयंकर तरीके से बिगड़ी है।
सरकार ने नहीं कोर्ट के आदेश से गई नौकरी : भाजपा
वहीं भाजपा उम्मीदवार रहे राव सुरेंद्र सिंह ने कहा कि कैथल जिले में सरकार द्वारा अनेकों बड़ी परियोजनाएं स्वीकृत की हैं। सरकार ने किसी का रोजगार नहीं छीना। जो लोग हटे हैं, वे कोर्ट के आदेश पर हटे हैं। भाजपा द्वारा रोजगार पारदर्शी तरीके से दिया जाएगा। इसके लिए भर्तियां निकाली हैं।
सीएम विंडो, आनलाइन सेवाएं, शीघ्र सुनवाई, व्यवस्था में सुधार जैसे कदम उठाए हैं। तहसीलों से भ्रष्टाचार खत्म हुआ है। सरकार द्वारा विकास का खाका तैयार कर लिया गया है। शीघ्र ही इस पर काम शुरू होगा। वर्षों से अटके अंबाला-कैथल नेशनल हाइवे पर काम शुरू हो गया है। वहीं पूरे जिले में विकास की योजनाएं स्वीकृत हो रही हैं। भाजपा सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखकर विकास करवा रही है।
कलायत में नहीं हुआ कोई बड़ा ऐलान
सरकार के एक साल के कार्यकाल में कलायत की स्थिति में कुछ सुधार नहीं हुआ है। लंबे समय की मांग के बाद उपमंडल की मांग पूरी हुई थी। लेकिन उपमंडल बनाए जाने के बाद अभी तक उपयुक्त स्टॉफ नहीं मिल पाया है। जिस कारण अधिकतर कार्य जैसे-तैसे चल रहे हैं। महर्षि वाल्मीकि समरता दिवस पर सीएम ने 5 करोड़ रुपये की ग्रांट पूरे हलका के लिए देने का ऐलान जरूर किया है। सामान्य तौर पर विभिन्न विभागों में आने वाली ग्रांट हालांकि जारी है।
आमने-सामने
हलका विधायक जयप्रकाश का कहना है कि एक साल में कलायत हलका में विकास कार्यों की शुरुआत ही नहीं हो पाई। यहां एक साल में यदि एक दो सड़कों की पेंचवर्क को छोड़ दें तो विकास के नाम पर एक ईट तक नहीं लग पाई है। भाजपा का नारा सबका विकास समान विकास कलायत में पूरी तरह से निराधार है।
उनका कहना है कि कलायत हलका के लोगों ने उनके आस्था दिखाते हुए उनको चुन कर विधानसभा में भेजा है। हलका के लोगों की अपेक्षाओं पर खरा उतरना उनकी नैतिक जिम्मेदारी है। एक साल में कलायत हलका में कोई स्कूल अपग्रेड नहीं हुआ, नई कोई सड़क नहीं बनी, शिक्षा मंत्री व मुख्यमंत्री के विधानसभा में दिए गए आश्वासन के बावजूद भी महिला कॉलेज को सरकारी कॉलेज का दर्जा तक नहीं दिया गया। उनका कहना है कि पूरे कलायत हलका में स्वास्थ्य सेवाएं, पशु स्वास्थ्य सेवाएं ठप पड़ी हैं।
हर विकास कार्य पर है नजर: धर्मपाल शर्मा
भाजपा नेता धर्मपाल शर्मा का कहना है कि गांवों की सड़कों को बनाने का कार्य चल रहा है। कलायत की कपिल मुनि रोड का कार्य जारी है। विकास कार्याें को लेकर सूची बनाई जा चुकी है जिनमें महिला कॉलेज का सरकारी करण, कलायत को औद्योगिक हब बनाना, कलायत में हुड्डा का सेक्टर, बच्चों के हुनर को तराशने के लिए ट्रेनिंग कालेज का निर्माण, गांवों से गंदे पानी की निकासी के पुख्ता प्रबंध, एसडीएम कोर्ट के अलावा अन्य कोर्ट की स्थापना प्रमुख हैं।
पूंडरी में सीएम ने खोला था पिटारा, योजनाओं पर काम धीमा
पूंडरी में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने विधायक प्रो. दिनेश कौशिक द्वारा आयोजित रैली में पिटारा खोल दिया था। अनेकों घोषणाएं हुई थीं। लेकिन इन पर अभी कार्य धीमा है।