जजपा के अंदर विधायकों की नाराजगी से पूरे हरियाणा में कड़कड़ाती सर्दी में सियासत का पारा गर्म हैं। कई दिनों से जहां नारनौंद के विधायक राम कुमार गौतम जजपा सुप्रीमो दुष्यंत चौटाला पर उनकी अनदेखी का आरोप लगाकर बयान दे रहे हैं। वहीं जजपा के अन्य हलकों के विधायक भी कहीं न कहीं दबी जुबान से ही सही इन आरोपों को पूरी तरह से नकार नहीं रहे हैं। बेशक पार्टी के अनुशासन की लाइन के चलते वह मीडिया में यह बात तो जरूर कह रहे हैं कि हम दुष्यंत के साथ हैं, परंतु अंदर खाते प्रत्येक विधायक यह तो अवश्य मान रहा है कि उन्हें जो हिस्सेदारी सरकार में मिलनी चाहिए वो अभी तक नहीं मिली है। गुहला हलका में भी जजपा के विधायक हैं जो 42 साल बाद जजपा की टिकट पर अबकी बार विधायक बने है। वैसे भी वह विधायक तो 1977 में बने थे। लेकिन उसके बाद लगातार राजनीति में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाते रहे हैं। वह राज्यसभा सांसद भी रहे, विधायक रहते हुए चेयरमैन भी रहे और हुडको के चेयरमैन भी रहे। केंद्रीय एससीएसटी कमीशन के सदस्य भी रहे। इस लिहाज से वह जजपा के विधायकों में सबसे वरिष्ठ व तजुर्बेकार नेता है और शुरू-शुरू में जब वह जीते तो मंत्री पद के लिए उनका नाम भी चला। लेकिन बाद में अनुप धानक को मंत्री बना दिया। गुहला से ईश्वर ङ्क्षसह को मंत्री पद न मिलने के कारण यहां के कार्यकर्ताओं में भी निराशा तो है, क्योंकि यह हलका शुरू से ही राजनीतिक रूप से उपेक्षा का शिकार रहा है। अबकी बार ईश्वर सिंह को मंत्री पद यदि मिल जाता तो इस हलके का और विकास हो सकता था। ईश्वर एक बहुत ही सुलझे हुए व समझदार नेता हैं और राजनीति की हर ऊंच - नीच को समझते हैं और हलके के विकास में भी उन्होंने पहले ही सांसद रहते हुए योगदान किया था। अबकी बार उनके विधायक बनने के बाद यदि उन्हें मंत्री बना दिया जाता तो हलके के विकास को चार चांद लग सकते थे। परंतु सरकार के दो माह बीत जाने पर भी अभी तक कोई ऐसा पद देने की सुगबगाहट नहीं है जिससे यह एहसास हो कि आने वाला कल हलके के विकास में चार चांद लगाएगा। राजकुमार गौतम का इस प्रकार से मुखर होकर बोलना व आरोप लगाने से यह बात साफ हो रही है कि विधायकों में कहीं न कहीं अंदर खाते रोष जरूर है।
- गहला चीका से जजपा विधायक ईश्वर ङ्क्षसह ने कहा कि राजकुमार गौतम जजपा पार्टी के वरिष्ठ सदस्यों में से एक हैं। वह जो कह रहे हैं, मैं उस पर टिप्पणी करने के लिए अधिकृत नहीं हूं। इसका जवाब तो पार्टी सुप्रीमो व उप-मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने पहले ही दे दिया है। मेरा इस पर कोई कमेंट नहीं है। मैं पूरी तरह से दुष्यंत चौटाला के साथ हूं।
- पूर्व संसदीय सचिव दिल्लू राम बाजीगर ने कहा कि यह जजपा पार्टी का अंदरूनी मामला है। इस पर मैं कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता।
- पूर्व विधायक कुलवंत बाजीगर ने कहा कि गठबंधन सरकार में मुख्यमंत्री ने तो जजपा को पूरा मान- सम्मान दे रखा है। यह मामला जजपा पार्टी का अंदरूनी मामला है। मैं इसके बारे में कुछ नहीं कह सकता।