कांग्रेस के अखिल भारतीय मीडिया प्रभारी एवं विधायक रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि भाजपा के शासन काल में पिछड़ा वर्ग राजनीतिक उपेक्षा व आर्थिक शोषण का शिकार हुआ है। कांग्रेस के घोषणा पत्र में पिछड़ा वर्ग के भविष्य का रास्ता लेकर आएंगे। भाई उदय सिंह किले के सामने आयोजित पिछड़ा वर्ग सम्मेलन में सुरजेवाला ने कहा कि भाजपा ने पिछड़े वर्ग को हमेशा अपने सता के हितों को साधने के लिए सीढ़ी की तरह इस्तेमाल तो किया मगर सता हासिल करने के बाद उनके सामाजिक शैक्षणिक, राजनैतिक और आर्थिक हितों का तिरस्कार ही किया है, उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने हमेशा ही बैकवर्ड समाज को न सता में भागीदारी दी, और ना ही प्रशासन में जिम्मेदारी दी। भारत सरकार के 89 मंत्रालयों और विभागों में 32.57 लाख नौकरियां हैं। इनमें 27 प्रतिशत आरक्षण के हिसाब से 8,80,000 नौकरियाँ मिलनी चाहिए, पर मिली है मात्र 7,00,000 ही। पिछड़ा वर्ग के 1,80,000 खाली पद क्यों नहीं भर रही है भाजपा सरकार? उन्होंने कहा कि भाजपा का पिछड़ा वर्ग से भेदभाव का इससे बड़ा उदाहरण क्या हो सकता है कि देश चलाने वाले 89 सचिवों में से एक भी बैकवर्ड समाज से नहीं है। मोदी मंत्रिमंडल में भी बैकवर्ड क्लास-ए श्रेणी का कोई मंत्री नहीं। इसी प्रकार से प्रदेश भाजपा सरकार में भी बैकवर्ड क्लास-ए श्रेणी का कोई मंत्री नहीं। बैकवर्ड क्लास-ए श्रेणी का बोर्ड / कॉर्पोरेशन का चेयरमैन नहीं पांच साल में। ना ही किसी आयोग का सदस्य ही बनाया।
सुरजेवाला ने कहा कि कांग्रेस पर 70 साल राज करने का आरोप लगता है। लेकिन केंद्र में 17 साल व हरियाणा में 21 साल से भी समय तक भाजपा सत्ता में रही है। लेकिन पिछड़ा वर्ग के कल्याण और आरक्षण के लिए कोई काम नहीं किया। आरक्षण देने का निर्णय हमेशा कांग्रेस द्वारा लिया गया। 1952 में 2 प्रतिशत, 1980-81 में कांग्रेस की सरकार ने उसे 10 प्रतिशत व 1995-96 में कांग्रेस की सरकार ने अखिल भारतीय किसान खेत मजदूर के राष्ट्रीय अध्यक्ष शमशेर सिंह सुरजेवाला की अध्यक्षता में पिछड़ा मंडल कमीशन की रिपोर्ट लागू करके बैकवर्ड ए में 16 प्रतिशत और बैकवर्ड बी में 11 प्रतिशत आरक्षण व क्लास 3 व 4 में 27 प्रतिशत आरक्षण निर्धारित किया। उसके बाद साल 2005 में फिर कांग्रेस की सरकार आई। फिर कांग्रेस ने उनकी अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई तो साल 2013-14 में श्रेणी 1 और श्रेणी 2 में 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत के आरक्षण का प्रावधान किया।
हरियाणा में पिछड़ा वर्ग के कल्याणकारी नीतियों और रोजगार के लिए कांग्रेस सरकार द्वारा बनाए गए पिछड़ा वर्ग आयोग और कानून को सत्ता के हुक्मरान भाजपा सरकार ने खत्म कर दिया। इस अवसर पर जगदीश मंडोलीवाला, सतबीर भाणा, नगर परिषद् चेयरपर्सन सीमा कश्यप, सुरेश कश्यप, बहादुर सैनी, प्रधान सुरेंद्र जांगड़ा, रणबीर गुर्जर सरपंच, नाथी राम प्रजापति, नाजर द्योरा, बिल्लू सैनी पार्षद, जोगिन्द्र सैनी, धर्मबीर सैनी, राजेश सैनी सजुमा, राजेश बिट्टू पूर्व पार्षद, ओम प्रकाश सैन, संदीप सैनी रामजी, बलबीर प्रजापति, सुरेश सैनी, देवीदयाल वर्मा, बलबीर सैनी, बालकिशन, रामली/शामली, बलराज कश्यप, जसबीर गुर्जर, धर्मा कश्यप, रामसरूप जांगड़ा, जयदेव धीमान, डॉ रामभगत वर्मा, रिंकू पांचाल, प्रेमी श्रवण, सुभाष सैनी, जयपाल गुर्जर पूर्व पार्षद, जगदेव, हवा सिंह रैह्बारी, पाला राम मानस, जगदीश गुहणा, माईचंद क्योड़क, ओमप्रकाश प्रजापति, श्याम सैनी, पुष्पेन्द्र क्योड़क, संतोष कश्यप, सतपाल कश्यप, अनिल गुर्जर, बलबीर गुर्जर, शमशेर कठवाड़, सुरेश सैन, मेजर सैन, लक्ष्मण प्रजापति, संजीव भट्ट, अजय भट्ट राम धीमान, रमेश पांचाल, विजय सैनी, सुरेश गिरी, मदन रैहबारी, भगवाना रैहबारी, रमेश भट्ट, रमेश पांचाल , ओमप्रकाश माटा व अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।