फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लोग नहीं दे रहे पुलिस थानों में अपने किरायेदारों व नौकरों की सूचना

Mon, 16 Jan 2017 12:24 AM IST
ब्यूरो कैथल
विज्ञापन
थानों में केवल 10 लोगों ने ही दी सूचना - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
शहरवासी प्रतिदिन हो रही चोरी की वारदातों के बाद भी सजग नहीं है। जिले में स्थित 12 पुलिस थानों में केवल 10 लोगों ने मकान व दुकान किराये पर देने की सूचना दी है। यह भी दस सूचना सिविल लाइन थाने में आई है। पुलिस को वारदात के बाद ही पता चलता है कि चोरी घरों के आस-पास किराये पर रहने वाला ही कोई अपराधी कर रहा है। पिछले दिनों हुडा सेक्टर में एक घर में भी नौकर चोरी की वारदात का अंजाम देकर फरार हो गया था।
विज्ञापन


केवल एक थाने में 10 लोगों ने दी सूचना
जिले में कुल 12 पुलिस थाने हैं। जिसमें से केवल सिविल लाइन थाने में ही मात्र 10 लोगों ने किरायेदार व नौकरों की सूचना दी है। सिटी पुलिस थाना, पूंडरी, चीका, सदर थाना, गुहला, कलायत, ढांड, महिला थाना, तितरम थाना, राजौंद में किरायेदार व नौकरों की सूचना देने में शून्य है। ऐसे में पुलिस ने वारदात करने के बाद  फरार नौकर व किरायेदार को पकड़ने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

जिले में लगातार बढ़ रही है चोरी की वारदातें
जिले में प्रतिदिन घरों व दुकानों में चोरी की वारदात बढ़ रही है। प्रतिदिन चोर किसी न किसी दुकान व घर को अपना निशाना बना रहे है। शहर थाना एसएचओ अशोक कुमार ने बताया कि शहर में जनप्रतिनिधियों की मीटिंग में भी कई बार शहर वासियों से आग्रह कर चुके हैं। घर व दुकानों पर रहने वाले नौकरों व किरायेदारों के बारे में पुलिस को सूचना दें। ताकि यदि कोई नौकर या किरायेदार किसी वारदात को अंजाम दे दे तो उसे पकड़ना आसान हो जाए। अधिकतर घर शहर के थाने के क्षेत्र में है। लेकिन इसके बावजूद लोग पुलिस थाने का सूचना नहीं दे रहे है। कई वारदातों को घर के नौकर व पड़ोस में किराये पर रहने वाले लोग अंजाम देते हैं।
विज्ञापन


सिविल लाइन थाना एसएचओ रामचंद्र ने बताया कि उनके पुलिस थाना क्षेत्र में शहर के तीन सेेक्टर व कई बड़ी कॉलोनियां आती हैं। जहां पर हजारों की संख्या में नौकर व किरायेदार रह रहे हैं। लेकिन केवल 10 लोगों ने उनकी सूचना दी है। किरायेदारों व नौकरों की सूचना पुलिस को हो तो अपराध पर अंकुश लगाया जा सकता है।

एसपी सुमेर प्रताप सिंह ने बताया कि जब भी शहर के जनप्रतिनिधियों की बैठक होती है। उन्हें घर व दुकान पर काम करने वाले नौकरों की सूचना देने के बारे में जागरूक किया जाता है। लेकिन शहरवासी पुलिस को किरायेदारों व नौकरों की सूचना कम दे रहे हैं जो उन्होंने देनी चाहिए। यह शहर वासियों के फायदे की बात है। इससे अपराध कम होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें