संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। अंबाला की एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने राजौंद खंड के बिरथे बाहरी गांव में धोखाधड़ी से पट्टेदारों की सरकारी जमीन अपने नाम करवाने के मामले में आरोपी अशोक कुमार
गिरफ्तार किया है। इस मामले में एक महिला सहित कुल पांच आरोपी शामिल है। इनमें एक आरोपी की मौत हो
चुकी है।
पुलिस के मुताबिक, धोखाधड़ी के इस मामलेेे के आरोपियों में बिरथे बाहरी गांव निवासी महेंद्र सिंह, अशोक कुमार, कांता देवी व रामानंद और राजौंद तत्कालीन कल्याण अधिकारी सतनाम सिहं खांबरा हाल पंचकूला हैं। इनमें से महेंद्र सिंह की मौत हो चुकी है।
एंटी करप्शन ब्यूरो की जिला प्रभारी महेंद्र सिंह ने बताया कि बिरथे बाहरी गांव में आजादी के समय आए लोगों को 649 एकड़ चार कनाल, 17 मरले खेतीबाड़ी योग्य जमीन पट्टेदारों को पालन-पोषण करने के लिए 1/3 हिस्से पर दी गई थी यानि दो हिस्से किसान व एक हिस्सा सरकार का था। कुछ समय बाद लोगों ने सरकार को हिस्सा देना बंद कर दिया था, जिस पर उपरोक्त जमीन को पट्टेदारों को आवंटित करने के आदेश सरकार ने पारित कर दिए थे।
उस समय राजौंद के तहसीलदार, हल्का पटवारी, कानूनगो व अलाटमेंट कमेटी के सदस्य करतार सिहं, दलजीत सिहं व महेन्द्र सिहं नंबर आदि को शामिल किया गया था।
इस जमीन को आवंटित करते समय महेंद्र सिंह नंबरदार ने कल्याण अधिकारी सहित अन्य से से मिलीभगत कर जमीन हड़प ली। आरोप है कि महेंद्र सिंह ने अपने व अपनी पत्नी जबवंत कौर, लड़के अशोक कुमार सहित अन्य के नाम करीब 28 एकड़ जमीन नाम करवा कर धोखाधड़ी की जबकि अशोक कुमार पट्टेदार नहीं था।
अब इस आरोपी को काबू कर लिया गया है। अब आरोपी को वीरवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा।