फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kaithal News: खुराना रोड पर कचरा उठवाने पहुंची पुलिस, कर्मचारियों के विरोध पर लौटी

विज्ञापन
नगर परिषद कार्यालय परिषद में धरने पर बैठे कर्मचारी। संवाद
विज्ञापन
कैथल। जिले में निकाय कर्मचारियों की हड़ताल जारी है। वीरवार को पुलिस की मौजूदगी में कर्मचारी ट्रैक्टर-ट्राॅली के साथ खुराना रोड पर कचरा उठवाने पहुंचे। इसकी जानकारी धरना दे रहे कर्मचारियों को लगी। उन्होंने मौके पर पहुंच कर विरोध जताया। इस दौरान पुलिस कर्मचारियों को समझाती दिखी लेकिन कर्मचारियों ने विरोध जारी रखा।
विज्ञापन

विरोध को देखते हुए कचरा उठवाने आए कर्मचारियों को लौटना पड़ा। नगर पालिका कर्मचारी संघ के जिला सचिव शिवचरण ने बताया कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाती, हड़ताल जारी रहेगी। शुक्रवार को जन-पंचायत की जाएगी और 13 को मुख्यमंत्री आवास कुरुक्षेत्र में प्रदर्शन किया जाएगा। हड़ताल के 36 वें दिन भी नगर पालिका, फायर व दफ्तर के कर्मचारियों ने नगर परिषद कैथल के गेट पर धरना-प्रदर्शन जारी रखा। इसकी अध्यक्षता ब्लॉक प्रधान महेंद्र कुमार बिड़लान और संचालन ब्लॉक सचिव विक्की टांक ने की। धरना-प्रदर्शन मे सैकड़ों की संख्या में महिला-पुरुष कर्मचारियों ने राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और राज्य सरकार पर 13 मई के समझौते को लागू न करके विश्वासघात व वादाखिलाफी का आरोप लगाया ।
वीरवार को आशा वर्कर यूनियन की जिला प्रधान सुषमा जड़ोला के नेतृत्व मे सैकडों की संख्या में कार्यकर्ता नगर परिषद कैथल में धरना-प्रदर्शन में शामिल हुई। इनकी राज्य प्रधान रानी व महासचिव सुनीता ने नगर पालिका, सीवर व फायर के कर्मचारियों की मांगों व आंदोलन का समर्थन किया और राज्य सरकार की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार 13 मई के समझौते में मानी गई मांगों के परिपत्र जारी करे। नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा एवं हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन ने हड़ताल को आगामी 13 सितंबर तक जारी रखने का निर्णय लिया है।
विज्ञापन

उन्होंने आगे कहा कि विधानसभा में सरकार के मंत्री कृष्ण बेदी की ओर से कर्मचारियों को नियमित करने में कानूनी अड़चन होने की बात कहना तथ्यहीन है। वर्ष 2014 में 16 व 18 जून को पूर्व सरकार ने तीन वर्ष की सेवा पूरी करने वाले ग्रुप डी के कर्मचारियों को नियमित करने के लिए नीति बनाई गई थी, जिसे भाजपाई सरकार ने 2014 में सरकार बनने के बाद मई 2015 में होल्ड कर दिया था। अब 16 अप्रैल को सर्वोच्च न्यायालय ने भी इस पॉलिसी को बहाल करके कानूनी रूप से सही ठहराया है। अब सफाई व फायर कर्मचारियों को नियमित करने में कोई कानूनी बाधा नहीं है। सरकार वर्ष 2014 की नियमितीकरण नीति में आवश्यक तिथि परिवर्तन करके दो साल के सभी सफाई, सीवर, पालिका एवं अग्निशमन कर्मचारियों को पक्का करने का कानून बनाए और हड़ताल का सम्मानजनक समाधान निकाले।

नगर परिषद कार्यालय परिषद में धरने पर बैठे कर्मचारी। संवाद

नगर परिषद कार्यालय परिषद में धरने पर बैठे कर्मचारी। संवाद

नगर परिषद कार्यालय परिषद में धरने पर बैठे कर्मचारी। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें