गांव बात्ता में ईंट भट्ठे पर महिला से गैंगरेप के मामले के बाद इसी भट्ठे पर मजदूरों को बंधक बनाकर रखने की शिकायत पर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के निर्देशों पर जिला प्रशासन की टीम ने मंगलवार को भट्ठे का निरीक्षण किया।
सीटीएम रणजीत कौर के नेतृत्व में जिला श्रम कल्याण अधिकारी वरुण कुमार, नायब तहसीलदार नवदीप सिंह नैन सहित एसएचओ कलायत भी टीम में शामिल थे। सीटीएम रणजीत कौर ने बताया कि उच्च न्यायालय में एक मजदूर की ओर से शिकायत की गई है कि कलायत के गांव बात्ता के पास स्थित ईंट भट्ठे पर मजदूरों को बंधुआ बनाकर रखा गया है। शिकायत मिलने पर प्रशासनिक टीम ने भट्ठे पर पहुंच कर निरीक्षण किया। जहां कोई मजदूर बंधुआ तो नहीं मिला, लेकिन मजदूरों ने भट्ठे पर रहने में अनिच्छा जताई।
जिस पर उनके वहां से जाने का प्रबंध कर दिया गया। उन्होंने बताया कि उन्हें ट्रक से उत्तर प्रदेश के शामली में उनके गांव भेज दिया गया है। मजदूरों को शौचालय सहित समय पर पैसे मिलने की परेशानी थी। जिस कारण वे भट्ठे पर नहीं रहना चाहते थे। कलायत नायब तहसीलदार नवदीप सिंह नैन ने बताया कि भट्ठे पर अधिकारियों के निर्देशानुसार निरीक्षण किया गया। जिसमें मजदूर बंधुआ तो नहीं पाए गए, लेकिन कुछ परेशानियां अवश्य पाई गईं।
26 परिवार रहते थे यहां
जिला श्रम अधिकारी वरुण कुमार ने बताया कि मजदूरों को उनकी इच्छानुसार उनके गांव भेज दिया गया है। इसके अलावा कुछेक खामियां पाई गईं थीं। जिसके तहत विभागीय कार्रवाई में चालान किया गया है। 26 परिवारों एवं उनके बच्चों को उनके गांव रवाना कर दिया गया है। एसएचओ ओमप्रकाश ने बताया कि ईंट भट्ठे पर लेबर को भट्ठे से उनके घर के लिए रवाना किया गया है। इसके अलावा गैंगरेप के मामले में कार्रवाई की जा रही है। पीड़ित महिला को पंचकूला अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। उसे कैथल लाया जा रहा है। कैथल पहुंचने पर महिला के ब्यान दर्ज किए जाएंगे।
भट्ठा संचालक पर रैप का आरोप
विदित रहे कि इसी ईंट भट्ठे पर कार्यरत एक महिला मजदूर ने भट्ठा संचालक सहित पांच लोगाें पर गैंगरेप का आरोप लगाया था। जिस पर पुलिस ने पांचों के खिलाफ गैंगरेप के आरोप में केस दर्ज कर लिया है। अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।