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हाईकोर्ट के निर्देश, डीसी करें गांव बिरथे बाहरी भूमि घोटाले की जांच

Wed, 16 Apr 2014 12:06 AM IST
कैथल
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कैथल। गांव बिरथे बाहरी में जमीन धोखाधड़ी के मामले की जांच अब उच्च न्यायालय के आदेशों के बाद डीसी करेंगे। इस मामले में मंगलवार को गांव वासी डीसी से मिलने कैथल पहुंचे, लेकिन डीसी के छुट्टी पर से मुलाकात नहीं हो सकी। गांव वासियों का आरोप है कि यहां करीब 100 करोड़ रुपये की भूमि को खुर्दबुर्द किया गया है।
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गांव वासी कामरेड रामचंद्र त्यागी और अन्यों ने बताया कि गांव में उन्हें दशकों पूर्व 650 एकड़ जमीन अलॉट हुई थी। जिसमें से करीब 100 करोड़ की जमीन अलॉट करने के लिए गठित कमेटी में शामिल गांव वासी महेंद्र सिंह सहित अन्य, डीआरओ, तहसीलदार सहित सभी अधिकारियों ने मिलीभगत करते हुए करीब 200 एकड़ जमीन को खुर्दबुर्द करते हुए अपने और रिश्तेदारों के  नाम करवा लिया था। इस पर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है।

इस याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने कैथल डीसी को अब जांच के आदेश जारी किए हैं। होईकोर्ट का कहना है कि घोटाले की निष्पक्ष जांच करवाई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। रामचंद्र त्यागी ने बताया कि वर्ष 1987 में सरकार से लंबे संघर्ष के बाद इस जमीन के लिए मालिकाना हक मिलना शुरू हुआ था। जिसके तहत 2000 रुपये प्रति एकड़ जमीन के लिए राशि जमा करवाई गई थी।
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इसके बाद वे स्वयं सरपंच थे तो भी उन्हें जमीन अलॉट करने के लिए गठित कमेटी की कानोंकान भनक नहीं लगी तथा कुछ लोगों ने मिलकर गांव वासियों की जमीन हड़प ली।

कई एकड़ के मालिक अब कागजों में भूमिहीन
गांव वासी बोद्ध राम ने बताया कि  उसकी दो एकड़ जमीन थी। जो अब उसके नाम नहीं है। इसी तरह से स्वरूप कौर ने बताया कि उसकी ढाई एकड़ जमीन कागजों में हड़प ली गई। वहीं अब कुछ लोग उसकी जमीन पर कब्जा लेना चाहते हैं। गांव वासी मदन लाल ने बताया कि उसकी साढ़े चार एकड़ जमीन हड़प ली गई। यही स्थिति दर्जनों लोगों की है। जो भूमि के मालिक होते हुए भी आज भूमिहीन हैं।

जबरदस्ती काटी जा रही है फसल
गांव वासी बलकार सिंह ने बताया कि उसकी 13 अप्रैल को जबरदस्ती गेहूं की फसल काट ली गई। जबकि एक पुलिस कर्मचारी इस जबरदस्ती में मौके पर मौजूद रहा। यही हालत गुरदीप कौर की है। उसने बताया कि पिछली बार उसकी बाजरे की फसल काट ली गई। इस बार भी उसकी गेहूं की साढ़े आठ एकड़ में खड़ी फसल को काटने की धमकी दी जा रही है। वे थाना राजौंद में भी पुलिस से मिले थे। लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो पा रही है। वे सभी यहां एकत्रित होकर डीसी से मिलने के लिए आए थे।

नहीं काटी गई फसल: पुलिस
इस संबंध में एसएचओ राजौंद का कहना है कि पुलिस की मौजूदगी में किसी की फसल नहीं कटी है। गांव वासी उनसे इस बारे में मिले थे। मामले की जांच की जा रही है कि सच्चाई क्या है। किसी के साथ ज्यादती नहीं होने दी जाएगी।
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