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सेहत से हो रहा खिलवाड़, जिम्मेदार बेपरवाह

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कैथल। मिलावटखोर आमजन की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं, लेकिन उन पर शिकंजा कसने में विभाग सुस्त नजर आ रहा है। स्थिति यह है कि जिन मामलों में सैंपल भरे जाते हैं, वह भी जांच और रिपोर्ट तक ही सीमित रह जाती है। ठोस कार्रवाई नहीं होने से मिलावटखोरों के हौसले बुलंद है। तभी तो विभाग की ओर से मिठाइयों में मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट लिखना अनिवार्य होने के बाद भी अधिकतर दुकानदार बेपरवाह हैं। नियमों की अनदेखी कर धड़ल्ले से मिठाइयां बेची जा रही हैं।
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त्योहारी सीजन में अगर आप खानपान की चीजें खरीदतें हैं तो स्वयं ही जागरूक रहना होगा। उस पर निर्माण और एक्सपायरी तिथि की जांच अवश्य करें। साथ ही मिलावट का पता लगने पर इसकी शिकायत प्रशासन और विभागीय अधिकारियों को दें। त्योहारी सीजन में प्रशासन और सीएम फ्लाइंग की टीम भी शिकायत के आधार पर छापामार कार्रवाई करती है। दूसरी ओर विभाग की ओर से साल भर सुस्ती के बाद त्योहारी सीजन में खाद्य पदार्थों की सैंपलिंग कर खानापूर्ति कर दी जाती है। ठोस कार्रवाई नहीं होने से मिलावटखोरों पर अंकुश नहीं लग पाता है।
स्थिति यह है कि खाद्य निरीक्षक की टीम की तरफ से पिछले छह महीने में कुल 125 सैंपल लिए गए हैं। इनमें 31 की रिपोर्ट फेल आ चुकी है, लेकिन अब तक किसी मामले में ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इतना ही नहीं तीन महीनों के भीतर करीब आठ क्विंटल नकली पनीर पकड़ा जा चुका है। इस पर कार्रवाई नहीं हो सकी है। हाल यह है कि अधिकतर मामलों में सैंपल के बाद जब तक रिपोर्ट आती है, दुकानदार संबंधित सामग्री को बेच चुका होता है। गौरतलब है कि त्योहारी सीजन में मिलावट खोर सक्रिय हो जाते हैं। सबसे अधिक मिलावट दूध से बनी चीजों में होती है। इस पर रोक लगाने के लिए इस सीजन में सैंपल लेने की कार्रवाई की जाती है। यदि मिलावट पाई जाती है तो तीन लाख रुपये के जुर्माने से लेकर दो साल तक की कैद भी हो सकती है।
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एडीसी कार्यालय तक सीमित रह जाती है कार्रवाई-
खाद्य निरीक्षक की टीम की तरफ से सैंपल लेने के बाद जब किसी खाद्य पदार्थ का सैंपल फेल आता है तो केस एडीसी कार्यालय में भेजा जाता है। फिर मिलावट करने वाले लोगों के केस एडीसी कार्यालय तक सीमित रह जाता है। इससे आगे कोई कार्रवाई नहीं बढ़ पाती है। कार्रवाई होती भी है तो कुछ जुर्माना करके मामले को खत्म कर दिया जाता है।
31 में से किसी भी केस में आगे नहीं बढ़ पाई कार्रवाई-
खाद्य निरीक्षक की टीम की ओर से लिए गए सैंपलों की रिपोर्ट फेल आने के बाद 31 में से किसी भी केस में कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पाई है। बता दें कि फेल आ चुके कुल 31 में से 15 सैंपलों की कार्रवाई एडीसी कार्यालय व 16 सैंपलों की कार्रवाई सीजेएम कोर्ट में चल रही है।
निरीक्षक बोले- विभाग है अलर्ट
खाद्य निरीक्षक राजीव कुमार ने बताया कि त्योहारी सीजन को लेकर विभाग सतर्क है। इसको लेकर अब सैंपल लेने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। दुकानदारों को आगाह किया गया है कि वे कुछ लालच के लिए मिलावट न करें। यदि किसी ने मिलावट की तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। राजीव ने बताया कि पिछले छह महीने में 125 में से 31 के सैंपल फेल आ चुके हैं। एडीसी कार्यालय व न्यायालय में ये मामले लंबित हैं। अभी तक किसी मामले का फैसला नहीं आया है।
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