गुहला चीका। अमर उजाला के युद्ध नशे के विरुद्ध अभियान के तहत खेल नर्सरियों के कोच व खिलाड़ियों जागरूकता बढ़ाने की शपथ ली। इस दौरान कोच व खिलाड़ियों ने कहा कि नशा युवाओं का भविष्य बर्बाद कर रहा है। खेलों से जुड़कर युवा अपना लक्ष्य हासिल करें। संचालकों ने कहा कि युवाओं को नशे से बचाने के लिए खेल सबसे सशक्त माध्यम है।
प्रदेश सरकार को गांव-गांव में खेलों के लिए सुविधाएं बढ़ा देनी चाहिए। स्कूल से लेकर महाविद्यालय और विश्वविद्यालय स्तर पर हर विद्यार्थी के लिए खेलों में भाग लेना अनिवार्य कर देना चाहिए। ताकि वह नशे से बचकर सफल खिलाड़ी बने और अधिकतम युवा रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें। डीएवी कॉलेज चीका में खेल नर्सरी के संचालक डॉ सतनाम सिंह और राजकीय संस्कृत मॉडल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय चीका में हॉकी खेल नर्सरी के संचालक नरेश कुमार ने कहा कि अमर उजाला की ओर से चलाए गए युद्ध नशे के विरुद्ध अभियान से समाज में जागृति आएगी। इस अभियान के सार्थक परिणाम आने लगे हैं। प्रशासन से लेकर सरकार भी गंभीर हुई है।
यह बोले कोच-
अमर उजाला का अभियान युवाओं को जागरूक करने की दिशा में सराहनीय कदम है। नशा युवाओं के भविष्य को बर्बाद कर रहा है। युवा तेजी से नशे की चपेट में आकर भविष्य खराब कर रहे हैं। युवाओं को अपने स्वास्थ्य पर ध्यान देने की जरूरत है। उन्हें समझना चाहिए कि नशा करने वाले किसी भी व्यक्ति समाज में इज्जत नहीं मिलती। एक सीमा के बाद परिवार भी उनका साथ छोड़ देते हैं।
- नरेश कुमार, राजकीय संस्कृत मॉडल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय चीका हॉकी कोच।
कई युवा नशे के दलदल में फंस चुके हैं। इससे उनके शरीर का नाश होता है। बच्चों पर भी गलत असर पड़ रहा है। युवा खेलों में कॅरिअर बना सकते हैं। अमर उजाला की मुहिम सराहनीय है।
- डॉ. सतनाम सिंह संचालक, डीएवी कॉलेज खेल नर्सरी चीका।
हर इलाके में नशे के सौदागर सक्रिय हैं। परिवार को अपने हर उस बच्चे पर नजर रखनी चाहिए, जो युवा अवस्था में है ताकि कोई भी बच्चा नशे के दलदल में ना फंसे। अमर उजाला की इस मुहिम से समाज में जागृति आ रही है।
- अजय (मोंटी), संचालक, जीवा क्रिकेट अकादमी, श्री भवानी मंदिर चीका।