चंदाना गेट पर प्रो. एसएस मेमोरियल पब्लिक स्कूल के निकट गली में एक पाइप फैक्ट्री मालिक द्वारा रखी गई पाइपों में लगी आग से बुधवार सुबह चंदाना गेट पर हड़कंप मच गया। पाइप के बंडलों में लगी आग से उठे धुएं के गुबार से कालोनियों के लोग स्कूल की ओर दौड़ पड़े, हालांकि वहां छुट्टी होने के कारण बच्चे तो नहीं थे। लेकिन आगजनी के कारण गली के अंतिम मकान में दरारें आ गई हैं। इस गली में केमिकल युक्त कॉमर्शियल गतिविधियों के कारण फैक्ट्री मालिकों के प्रति लोगों में भारी रोष है। लोगों ने इन कॉमर्शियल गतिविधियों के लिए जिला प्रशासन को शिकायत दी है।
मिली जानकारी के अनुसार चंदाना गेट पर गली नंबर 5 में एक पाइप फैक्ट्री मालिक ने गोदाम में जगह कम होने पर गली में पाइप के बंडल रखे हैं। यहां बुधवार सुबह अचानक कई बंडलों में अज्ञात कारणों के चलते आग लग गई। आग इतनी भीषण थी कि प्लास्टिक के पाइप धू-धू कर जलने लगे। आग के कारण धुएं के गुबार से लोग दहशत में आ गए और आस-पास की कालोनियों के लोग मौके पर पहुंच गए। सूचना के बाद पहुंची दमकल की गाड़ी की सहायता से आग पर काबू पाया गया। लेकिन तब तक आग की गर्मी के कारण रणधीर सिंह के मकान में दरारें आ चुकी थीं। साथ में मोबाइल टावर में भी नुकसान पहुंचने की जानकारी मिली है। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची। लोगों ने पुलिस को फैक्ट्री मालिक के रवैये को लेकर रोष जताया। कालोनी के लोगों ने कहा कि फैक्ट्री मालिक को कई बार इस बारे में कहा जा चुका है। लेकिन यहां गली में पाइप डालकर जाम की स्थिति बना कर रखी जाती है।
कालोनी के रहने वाले रामपाल, नराता राम सैनी, प्रिंसिपल सत्यजीत सैनी, बिल्लू, धर्मबीर सिंह, राजन, रामकुमार, प्रताप सिंह, जोगध्यान, रामकुमार, महेंद्र सैनी, बलबीर सिंह, भाजपा के शहरी जिला अध्यक्ष धर्मबीर सैनी, अवतार सिंह, नवीन वर्मा ने कहा कि यहां फैक्ट्री के साथ-साथ केमिकल युक्त साबुन व अन्य फैक्ट्रियां रिहायशी इलाके में चलाई जा रही हैं। प्रशासन ने यहां रिहायशी इलाके में कॉमर्शियल गतिविधियां चलाने की अनुमति न जाने किस आधार पर दी है या फिर दी नहीं। इस मामले की जांच होनी चाहिए। यहां बड़े-बड़े ट्रकों में माल आता जाता है। जिस कारण बच्चों व महिलाओं सहित लोगों का आम जन-जीवन प्रभावित हो रहा है। इन फैक्ट्रियों में भारी मात्रा में केमिकल से भरे ड्रम पड़े हुए हैं। यदि कभी इनमें कोई हादसा हुआ तो इसका जिम्मेदार कौन होगा? लोगों ने बाद में एकत्रित होकर डीसी को शिकायत भी दी। वहीं मौके पर फैक्ट्री के प्रतिनिधि हैप्पी ने नुकसान व अन्य जानकारी देने में असमर्थता जता दी।
पार्षद बिल्लू, पार्षद गोपाल व अन्य ने कहा कि वे सरकार से मांग करते हैं कि यहां वैध-अवैध रूप से चल रही इन फैक्ट्रियों, केमिकल के धंधों को रिहायशी कालोनियों से बाहर निकलवाया जाए। ताकि लोगों के जान-माल का नुकसान ना हो सके। यहां एक स्कूल में करीब 500 से 600 बच्चे पढ़ते हैं। यदि कभी कोई हादसा हुआ तो बच्चों की जान को भी खतरा है।
वहीं रणधीर सिंह ने कहा कि उसने अभी घर बनाया था। जो इस आग की हीट के कारण क्षतिग्रस्त हो गया। पूरे मकान के लेंटर में दरारें आ गई हैं। उसका भारी नुकसान हुआ है।
एसएचओ सिटी अशोक कुमार ने कहा कि आग लगने की सूचना मिली थी। लोगों की शिकायत मिली है। मामले की जांच की जाएगी।