कैथल। राज्य सरकार किसानों के हितों के लिए कई योजनाएं चला रही है। इनमें फसल अवशेष प्रबंधन के तहत कृषि यंत्रों का पुन: भौतिक सत्यापन छह व सात मई को किया जाएगा। किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन करने के लिए सरकार कृषि यंत्रों पर 50 प्रतिशत अनुदान राशि देती है।
यह जानकारी कृषि एवं किसान कल्याण विभाग कैथल के उप निदेशक डाॅ. बाबू लाल ने दी है। उन्होंने बताया कि फसल अवशेष प्रबंधन स्कीम 2024-25 के तहत 70 प्रतिशत अनुदान के लिए कृषि यंत्रों का भौतिक सत्यापन 30 जनवरी, 2024 को हो गया था और जिनकी अनुदान राशि एक लाख से ज्यादा है, उन कृषि यंत्रों का 30 प्रतिशत अनुदान राशि के लिए स्कीम की दिशा-निर्देशानुसार पुन: भौतिक सत्यापन किया जाएगा।
सहायक कृषि अभियंता कैथल इंजीनियर जगदीश चंद्र ने बताया कि बेलिंग मशीन व हरवेस्टर का भौतिक सत्यापन छह मई को व सुपर सीडर मशीन का भौतिक सत्यापन सात मई को किया जाएगा। चार अगस्त तक इन यंत्रों के लिए विभाग के पोर्टल पर आवेदन किया गया था। यंत्र खरीद कर 30 सितंबर तक पोर्टल पर बिल भी अपलोड हो चुके हैं। कृषि यंत्रों का दोबारा भौतिक सत्यापन डीसी की अध्यक्षता में गठित टीमें ब्लॉकों की नई अनाज मंडियों में होना है। संवाद