संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। हरियाणा कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष उदय भान ने सोमवार को कोयल टूरिज्म कॉम्पेलक्स में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। उन्होंने जजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि हरियाणा की राजनीति में फेल हुए लोग अब राजस्थान की ओर निकल पड़े हैं।
प्रदेशाध्यक्ष ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल के जनसंवाद पर कहा कि यह जनसंवाद नहीं बल्कि जन अपमान कार्यक्रम हो रहा है। गठबंधन सरकार जनविरोधी नीतियों पर काम कर रही है। आज प्रदेश का कोई वर्ग नहीं बचा जो गठबंधन सरकार की जनविरोधी नीतियों का शिकार न हुआ हो। आज प्रदेश के जनप्रतिनिधि से लेकर जनता का शोषण करने में गठबंधन सरकार अग्रणी पंक्ति में नजर आ रही है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस में कोई गुटबाजी नहीं है सभी नेता कांग्रेसी विचारधारा को मजबूत करने के लिए अपने स्तर पर काम कर रहे हैं। बढ़ती बेरोजगारी, बढ़ता अपराध, बढ़ती महंगाई से दुखी हरियाणा की जनता भविष्य में कांग्रेस की सरकार बनाने का फैसला कर चुकी है। इसका सबूत प्रदेश में हो रहे कांग्रेस के कार्यक्रमों में उमड़ा हुआ जनसलब दिखाई दे रहा है।
प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस पार्टी जातीय जनगणना के पक्ष में है। परिवार पहचान पत्र में धांधलियों का आरोप लगाते हुए कहा कि यह परमानेंट परेशानी पत्र है, जिसकी धांधलियां खत्म होने का नाम नहीं ले रहीं। उन्होंने कहा कि अगस्त 2020 से अगस्त 2023 तक प्रदेश में करीब 70 लाख परिवार पहचान पत्र बने। उनमें 90 प्रतिशत अधिक गड़बडिय़ां पाई गईं।
किसी में जन्म की तारीख, किसी में नाम, किसी में मैरिटल स्टेटस, किसी में योग्यता, किसी में विकलांग स्टेटस और किसी में आय गलत दिखाई। इससे पूर्व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अनिल शोरेवाला सहित अन्य नेताओं ने बुके देकर उनका स्वागत किया। इस मौके पर सुल्तान सिंह जडौला, पूर्व विधायक दिल्लू राम बाजीगर, अनिल शोरेवाला, प्रदीप चौधरी पूंडरी, पंडित कंवरपाल करोड़ा, सुधीर मेहता, गुरदीप तंवर नरेश बत्तरा, डॉ. सतपाल साकरा, भूप सिंह सैनी, चांदी राम नरड़, प्रवीण अटवाल, अधिवक्ता सुभाष मैहला, सुरेश रोड आदि मौजूद थे।
ब्राह्मण डिप्टी सीएम का फैसला हाईकमान करेगा
कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष उदयभान ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के कांग्रेस सरकार बनने पर ब्राह्मण समाज से डिप्टी सीएम बनाने के बयान पर कहा कि इस पर फैसला हाईकमान करेगा। जरूरत पड़ने पर ही उप मुख्यमंत्री बनाया जाएगा, लेकिन वह भी पार्टी आलाकमान से ही तय होता है। यह पूरी तरह से नेतृत्व का काम है। पार्टी हाईकमान सभी जातियों की राजनीति करता है। इसमें अनुसूचित जाति,पिछड़ा वर्ग,ओबीसी,अल्पसंख्यक सभी इसमें शामिल हैं।