सीवन। करीब दो वर्ष पहले कैथल से पंजाब बॉर्डर तक लगभग 40 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क का निर्माण करीब 129 करोड़ रुपये की लागत से होना प्रस्तावित हुआ था। उस समय तत्कालीन विधायक ईश्वर सिंह के प्रयासों से केंद्र सरकार ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को मंजूरी दे दी थी। इस सड़क का उद्देश्य न केवल हरियाणा के कैथल क्षेत्र को पंजाब से जोडऩा था, बल्कि यातायात को सुगम और तेज बनाना भी था, लेकिन अभी इस सड़क का निर्माण शुरू नहीं हो पाया है।
कैथल-पटियाला मुख्य मार्ग है जो प्रदेशों हरियाणा और पंजाब को आपस में जोड़ता है। इस सड़क पर अभी तक कोई टोल भी नहीं है इस कारण से वाहनों की आवाजाही अधिक है। यह सड़क केवल दो लेन की है और इस कारण से इस मार्ग पर वाहनों का भारी दबाव है, जिससे यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। फोरलेन बनने से यातायात को बड़ा लाभ मिलता, लेकिन वर्तमान में यह काम रुका हुआ है।
पूर्व विधायक ईश्वर सिंह ने कहा कि हलका गुहला राजनैतिक उपेक्षा का शिकार हो रहा है। नेताओं की आपसी राजनीति का शिकार हलका गुहला की जनता हो रही है। उन्होंने कहा कि सीवन में बाईपास का निर्माण होना था और इसके साथ ही सीवन में बस अड्डे का भी निर्माण प्रस्तावित था लेकिन अभी तक नहीं हो पाया। यमुनानगर से कुरुक्षेत्र, पिहोवा और चीका तक प्रस्तावित एक्सप्रेस हाईवे भी राजनीतिक प्राथमिकता की कमी के कारण अब केवल पिहोवा तक सीमित होता नजर आ रहा है। यदि इस एक्सप्रेस हाईवे का निर्माण चीका तक होता है तो इससे लोगों को लाभ होगा और साथ ही चीका के व्यापार को भी गति मिलेगी। कहा कि पिछले पांच वर्ष में जिस तरह से इन दोनों सड़कों को फोरलेन व एक्सप्रेस हाईवे बनाने की प्राथमिकता दी गई थी, वह अब ठप होता दिखाई दे रहा है। वर्तमान में किसी भी राजनीतिक दल के प्रतिनिधि ने इस सड़क परियोजना को पुनर्जीवित करने की दिशा में रुचि नहीं दिखाई है, जिससे स्थानीय जनता निराश है। पूर्व विधायक ने कहा कि अगर राजनीतिक इच्छाशक्ति होती, तो यह फोरलेन सड़क अब तक बनकर तैयार हो जाती और क्षेत्र को यातायात के साथ-साथ आर्थिक लाभ भी मिलता।
लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन वरुण कंसल ने बताया कि इस सड़क की दोष दायित्व अवधि (डीएलपी) जुलाई 2026 तक है। इस अवधि के बाद ही सरकार के निर्देशानुसार फोरलेन सड़क के निर्माण की संभावनाओं पर विचार किया जा सकता है।
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