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शराब माफिया पर युवक की हत्या का आरोप लगा पांच घंटे सड़क पर डटे रहे लोग

Sat, 04 Feb 2017 11:12 PM IST
ब्यूरो कैथल
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कैथल-पटियाला मार्ग को किया जाम - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शराब माफिया के हाथों मारे गए युवक का शव लेकर शनिवार को सैकड़ों लोगों ने शहीद ऊधम सिंह चौक पर जाम लगा दिया और पांच घंटे तक पुलिस व प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। लोग आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग कर रहे थे। हालांकि स्थानीय पुलिस के अधिकारियों ने लोगों को समझाने की लाख कोशिश की लेकिन वे आरोपियों की गिरफ्तारी तक जाम खोलने को राजी ना हुए। पांच घंटे बाद एसपी के शीघ्र गिरफ्तारी का आश्वासन देने व एसएचओ गुहला को लाइन हाजिर करने के बाद लोगों ने जाम खोला।
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बता दें कि शुक्रवार की शाम दर्जन भर हथियारबंद लोगों ने चीका की बाबा बस्ती निवासी सिकंदर पुत्र देवा राम की हत्या कर दी थी। सिकंदर अपने चाचा के साथ मोटर साइकिल पर कैथल की तरफ जा रहा था कि गांव कांगथली से पहले गुरुद्वारे के पास इनोवा गाड़ी में सवार कुछ युवकों ने उसका रास्ता रोक लिया और लाठियों, गंड़ासियों व तलवारों से उसपर हमला बोल दिया। बाद में सिकंदर की मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम होने के बाद शनिवार को जब उसके शव को चीका लाने की खबर मिली तो इलाके के वाल्मीकि समाज के सैकड़ों लोग शहीद ऊधम सिंह चौक पर जमा हो गए। परिजन सिकंदर के शव को भी चौक पर ले आए और चौक के चारों रास्ते जाम कर दिए।

तहसीलदार पहुंचे पर नहीं माने लोग
लोगों को रास्ता खोलने के लिए राजी करने के लिए पहले चीका व गुहला थानों के प्रभारी चौक पर पहुंचे पर लोग नहीं माने। फिर डीएसपी सुल्तान सिंह आए पर लोगों ने उनकी बात भी नहीं सुनी। तहसीलदार विजय मोहन सियाल ने भी लोगों के एक हिस्से को बुलाकर समझाने का प्रयास किया लेकिन लोग उल्टा पुलिस प्रशासन की अपराधियों के साथ मिलीभगत होने के आरोप लगाते हुए नारेबाजी करने लगे। इसके बाद कैथल से डीएसपी हेड क्वार्टर सतीश गौतम व इंस्पेक्टर अशोक कुमार भी दल बल के साथ चीका आए और आरोपियों को जल्दी पकड़ लेने के दावे किए किंतु लोगों ने रास्ता नहीं खोला।
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एसएचओ गुहला को लाइन हाजिर किया
आखिर शाम पांच बजे के आसपास एसपी कैथल सुमेर प्रताप चीका आए और लोगों के बीच जाकर उनकी बात सुनी। एसपी ने ड्यूटी में कोताही बरतने की शिकायत पर एसएचओ गुहला मुनीश कुमार को तुरंत लाइन हाजिर करने के आदेश दे दिए। इसके अलावा मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन करके आरोपियों को जल्दी से जल्दी गिरफ्तार करने के आदेश दिए। लोगों ने एसपी से कहा कि शराब के ठेकों की आड़ में शहर में गुंडागर्दी का आलम है लेकिन पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करती। लोगों ने आरोपियों के राजनीतिक गठजोड़ की बात भी कही जिस पर एसपी ने भरोसा दिलाया कि आरोपी चाहे जितनी भी पहुंच वाले क्यों ना हो जल्दी से जल्दी सलाखों के पीछे होंगे।

इनके खिलाफ दर्ज है मुकदमा
शुक्रवार को देर रात गुहला पुलिस ने सिकंदर की हत्या के इल्जाम में चांदी राम खुशहाल माजरा, भीमा शर्मा चीका, सुखदेव चीका, हरदीप बदसूई, बिंदर नंदगढ़, राजू कौशिक, प्रेमा नंदगढ़, मेशी पीड़ल, कुलविंद्र उर्फ अंकी सलेमपुर, गुरजंट चीका, प्रदीप उर्फ कांची चीका, तथा संदीप पंडित चीका के खिलाफ विभिन्न धाराओं और एससी एसटी एक्ट की धारा 3 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। अभी तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।

शराब थी झगड़े की जड़
मृतक सिकंदर भी पहले एक शराब के ठेके पर काम करता था। इसी दौरान उसकी अन्य ठेकेदारों व कारिंदों के साथ खुन्नस हो गई थी। इसी खुन्नस के चलते दोनों पक्षों में पहले भी कई बार खूनी झड़पें हो चुकी थी लेकिन इस बार की झड़प सिकंदर की मौत का कारण बन गई। सिकंदर के चचेरे भाई भीम पर भी पहले कुछ लोगों ने हमला किया था। हमले में वह बमुश्किल बचा था।
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