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नोदी चीका पर हमले के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोग

Sat, 22 Oct 2016 11:17 PM IST
ब्यूरो कैथल
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लोगों ने कैथल-पटियाला मार्ग किया जाम - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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 पोल खोल अभियान के सह संयोजक नोदी चीका पर पिछले दिनों हुए जानलेवा हमले के खिलाफ शनिवार को विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों से जुड़े सैकड़ों लोगों ने शहर भर में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी हमलावरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे थे। प्रदर्शन के बाद लोग कैथल-पटियाला मार्ग स्थित चौक पर आ डटे। बाद में डीएसपी तरुण कुमार के समझाने पर लोगों ने प्रदर्शन समाप्त किया।
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बता दें कि विधायक कुलवंत बाजीगर की बारहवीं की परीक्षा की जांच की मांग को लेकर पोल खोल अभियान के बैनर तले चलाए गए आंदोलन को लेकर चर्चा में आए सामाजिक कार्यकर्ता विनोद कुमार उर्फ नोदी चीका पर पिछले दिनों 10-11 हथियार बंद बदमाशों ने जानलेवा हमला कर दिया था। चीका के मेन बाजार में दिन दिहाड़े हुए इस हमले में नोदी के सिर पर गहरी चोटें आई थी और बाजू दो जगह से टूट गई थी। गंभीर रूप से घायल नोदी को डॉक्टरों ने पहले पटियाला फिर चंडीगढ़ रेफर कर दिया था। उनकी हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।

सडक़ों पर उतरे लोग
शनिवार को इस हमले के विरोध में नोदी के पिता शेर सिंह की अगुवाई में लोग सड़क पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों का काफिला अनाज मंडी के पास से चला और जिन बाजारों में नोदी पर हमला हुआ था, वहां से गुजरता हुआ मेन चौक पर पहुंचा। यहां प्रदर्शन के चलते जाम लग गया। जिस कारण कैथल व पटियाला आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानियां हुईं। यहां प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि हमले के पीछे विधायक कुलवंत बाजीगर का हाथ है और इसलिए पुलिस व प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा है। लोग मांग कर रहे थे कि एसआईटी गठित करके पूरे मामले में विधायक की भूमिका की जांच की जाए। शहर भर का चक्कर काटने के बाद लोग ऊधम सिंह चौक पर आकर बैठ गए और सरकार व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। मौके पर तहसीलदार गुहला प्रदर्शनकारियों से ज्ञापन लेने पहुंचे लेकिन उन्होंने किसी भी स्थानीय अधिकारी को ज्ञापन देने से साफ इंकार कर दिया। अंतत: कैथल से डीएसपी तरूण सैनी चीका पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया। तब जाकर लोग चौक से उठे और करीब एक घंटे बाद रास्ता खुला।
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थाना प्रभारी पर नोदी के पिता को धमकाने का आरोप
पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी को लेकर प्रदर्शनकारियों व पुलिस अधिकारियों के बीच एक बार झड़प की सी स्थिति पैदा हो गई। नोदी के पिता शेर सिंह चौक पर बैठे प्रदर्शनकारियों को आकर बताया कि चीका थाना प्रभारी ने उन्हें साइड में बुलाकर धमकाया है और चुपचाप उठकर चले जाने को कहा है। इस बात पर लोग भड़क गए और सड़क पर बैठ गए। लोगों ने एसएचओ पर हमलावरों से मिले होने का आरोप लगाते हुए कहा कि हमलावर खुलेआम घूम रहे हैं और पुलिस यहां पीड़ितों को ही धमकाने में लगी है।
पोल खोल अभियान के मुख्य संयोजक जगजीत सिंह ने कहा कि सांसद सैनी पर किसी ने स्याही फेंकी तो पुलिस ने तुरंत दफा 307 लगा दी। बाद में जांच में यह पता चलने पर कि स्याही में कोई केमिकल नहीं था यह धारा हटाई गई। वहीं नोदी मामले में पुलिस ने हमलावरों के खिलाफ मामूली मारपीट का मुकदमा दर्ज किया है। जबकि सारे शहर ने देखा है कि हमलावर अपनी तरफ से नोदी को जान से मारकर ही चले गए थे। नोदी मामले में हुए प्रदर्शन में इनेलो नेता व पूर्व विधायक बूटा सिंह, आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता सुखबीर सिंह चहल, हलका प्रधान गुरमीत सिंह कांबोज भी पहुंचे तथा पूरा समय प्रदर्शनकारियों के साथ रहे।

बहनों ने दिया उलाहना
प्रदर्शनकारी जब नारेबाजी करते हुए सेठी वाले चौक पहुंचे तो वहां नोदी की बहने फफक पड़ीं। माइक पकड़कर उन्होंने लोगों को उलाहना दिया कि यहां हर वक्त सैकड़ों लोग मौजूद रहते हैं। हमारा इकलौता भाई पिटता रहा लेकिन आप में से कोई उसका साथ देने नहीं आया। प्रदर्शन में नोदी की पांच वर्षीय बेटी दीक्षा भी एक तख्ती लेकर चल रही थी जिसको देखकर लोगों की आंखें नम हो गई। वहीं नोदी की मां ने धरनास्थल पर ही अहोई अष्टमी का व्रत रखा।

इनेलो नेताओं द्वारा की जा रही है राजनीति : विधायक
ये सारे आरोप इनेलो द्वारा की जा रही राजनीति के चलते लगाए जा रहे हैं। बूटा सिंह के नेतृत्व में यह सारा आयोजन हुआ। विपक्ष हमेशा सत्तापक्ष पर आरोप लगाने का अवसर ढूंढता है। जबकि असलियत यह है कि मैं खुद नोदी पर हुए हमले की निंदा करते हुए एसपी को मिलकर निष्पक्ष कार्रवाई के लिए कह चुका हूं। मैं वीरवार को नोदी से मिलकर आया हूं। उसका हाल चाल जाना। पुलिस ने चार हमलावरों को गिरफ्तार भी किया है। यह दो पक्षों का झगड़ा था। जिसमें पुलिस को निष्पक्ष कार्रवाई के लिए कहा गया है। लेकिन किसी निर्दोष को पकड़ा नहीं जाएगा। ऐसा हो सकता है कि शनिवार का यह सारा आयोजन इनेलो नेता बूटा सिंह के कहने पर ही हुआ है और उन्हीं के कहने पर ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं। मेरा इस तरह के झगड़ों से कोई लेना-देना नहीं है। ना ही दूर-दूर तक कोई वास्ता। गुहला की जनता ने सेवा करने का अवसर दिया है। पूरी शिद्दत से गुहला-चीका के विकास के लिए प्रयास कर रहा हूं।
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कुलवंत बाजीगर, विधायक, गुहला-चीका।
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