गोदाम किराए पर लेकर लूट का माल ठिकाने लगाने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है। बदमाश एक्साइज अफसर बनकर चेकिंग के नाम पर वाहनों को रोक लूटते थे। तीनों से करीब 22 लाख रुपये के लूटे गए रिफाइंड के 1700 टीन में से 800 टीन बरामद किए हैं। गिरफ्तार तीनों लुटेरों को शनिवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा।
एसपी सुमेर प्रताप सिंह ने शुक्रवार को बताया कि चैनपुरा छोटा राजस्थान निवासी ओमप्रकाश की शिकायत पर थाना कलायत में 9 अक्तूबर को केस दर्ज किया था। उसने शिकायत दी थी कि 3 अक्तूबर को गुजरात के कांदला से रुचि सोया इंडस्ट्रीज का 495 टीन और 1136 कार्टून तेल रिफाइंड चंडीगढ़ के लिए ट्रक में लोड करके चला था। 6 अक्तूबर की रात करीब 9:00 बजे वह कलायत में दादा-पोता होटल के नजदीक पहुंचा। उसी समय पीछे से एक सफेद बुलेरो गाड़ी ने उसका रास्ता रोक खुद को अधिकारी बता बिल्टी दिखाने को कहा। वह बिल्टी दिखाने लगा तो उनमें से एक ने बिल्टी लेकर उससे चाकू की नोक पर 15 हजार रुपये लूट लिए और अपनी गाड़ी में बैठा लिया। लुटेरों ने उसके मुंह और आंखों पर कपड़ा बांध दिया। करीब 6-7 बदमाशों में सेे दो ट्रक स्टार्ट कर लूट ले गए। कुछ आगे जाकर जिला करनाल के असंध क्षेत्र के गांव बला में आरोपियों ने उसे करीब 11 बजे गाड़ी से उतारकर कपड़े के साथ खंभे के साथ बांध दिया और भाग गए। उसने वारदात की सूचना गांव स्थित पुलिस चौकी को दी।
राजौंद-अलेवा सड़क से दबोचे
एसपी ने बताया कि पुलिस ने 21 अक्तूबर को राजौंद-अलेवा सड़क पर नाकाबंदी के दौरान बुलेरो गाड़ी में सवार 3 आरोपियों को काबू किया। आरोपी किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे। आरोपियों की पहचान अंकित, आजाद उर्फ बिल्लू वासीयान अलेवा जिला जींद और बिजेंद्र उर्फ बिल्लू निवासी निंदाना कलां जिला भिवानी के रूप में हुई। आरोपियों से वारदात में प्रयोग चाकू, बुलेरो गाड़ी बरामद करने के अलावा डेरा मर्दाना जिला करनाल से लूटे गए रिफाइंड के 800 टीन बरामद किए गए हैं। एसपी ने बताया गिरोह में 5 और लोग शामिल हैं, उनकी पहचान व गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
कई राज्यों में कर चुके हैं वारदात
एसपी ने बताया कि गिरोह ने एक साल पहले गुजरात में 50 लाख रुपये के कपड़े से लोडेड कंटेनर, करीब 6 माह पहले हिसार क्षेत्र में चावल से भरा ट्रक और जींद से एक ऑल्टो कार लूट की वारदात को अंजाम दे चुका है। लुटेरे वारदात से पहले निकट के शहर में गोदाम किराए पर ले लेते थे। आरोपियों से अभी कई वारदात का खुलासा होने की उम्मीद है। गिरोह को पकड़ने के लिए बनाई गई स्पेशल टीम में सीआईए-2 प्रभारी इंस्पेक्टर विमल कुमार, एएसआई सतबीर सिंह, हवा सिंह, सत्यवान, जयभगवान, महेंद्र सिंह, एचसी कमलजीत, भूपेंद्र सिंह और सिपाही बलराज शामिल थे।
बुलेरो में जाते थे ‘चेकिंग’ करने
पकड़े गए तीन लुटेरे एक्साइज इंस्पेक्टर बनकर ट्रक व ट्रालों को रुकवाते थे और सुनसान इलाके में ट्रक चालक को बंधक बनाकर लूट लेते थे। वारदात को अंजाम देने के लिए लुटेरों ने एक बुलेरो गाड़ी रखी थी। लुटेरों से पूछताछ में यह खुलासा हुआ है। सीआईए-2 के इंचार्ज इंस्पेक्टर विमल सिंह ने बताया कि लंबे समय से इस गिरोह की तलाश जींद, हांसी, राजस्थान और दिल्ली पुलिस भी कर रही थी। जींद के गांव अलेवा का अंकित गिरोह का सरगना है। साथ में आजाद उर्फ बिल्लू निवासी अलेवा, बिजेंद्र उर्फ बिल्लू निवासी निंदाना कलां जिला भिवानी के अलावा तीन से चार साथी और हैं। बाकी की तलाश की जा रही है।