संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। मानस गांव में भ्रूण लिंग जांच में आरोप में पकड़े गए कैलरम निवासी आरोपी ऋषिपाल के बाद अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए ग्रामीणों ने रविवार को धरना देकर नारेबाजी की। गांव की मुख्य सड़क पर प्रदर्शन करते हुए नाराज ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ भी रोष जताया। उन्होंने बेहतर लिंग अनुपात के लिए सम्मानित गांव की प्रतिष्ठा धूमिल करने का आरोप भी लगाया।
ग्रामीणों का कहना था कि गांव के जिस भी आरोपी ने मशीन को अपने घर में रखवाया वह भी बराबर का आरोपी है। ग्रामीणों का कहना था कि इस घटना से गांव के सम्मान को ठेस पहुंची है। प्रदर्शन करने वाले ग्रामीणों का कहना है कि मकान मालिक भी इस अपराध में बराबर का दोषी है। वह अपने परिवार के साथ इसी मकान में रहता है। ऐसे में उसे इस गैरकानूनी काम की जानकारी न हो, यह संभव नहीं है।
गौरतलब है कि शनिवार को कैथल और कुरुक्षेत्र की स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक मकान से अवैध अल्ट्रासाउंड मशीन बरामद की थी। यहां भ्रूण लिंग परीक्षण का गैरकानूनी काम चल रहा था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ऋषिपाल को गिरफ्तार किया था। दबिश में अल्ट्रासाउंड मशीन और 30 हजार रुपये बरामद किए गए थे।
नाराज ग्रामीणों का कहना है कि कुछ साल पहले उनके गांव को बेहतर लिंग अनुपात के लिए सम्मानित किया गया था लेकिन अब इस घटना ने गांव की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाई है। उन्होंने मांग की है कि मामले की उच्च स्तरीय जांच हो। साथ ही मकान मालिक समेत सभी दोषियों पर कार्रवाई की जाए। चेतावनी दी है कि जब तक मकान मालिक और अन्य दोषियों पर कार्रवाई नहीं होगी, उनका धरना जारी रहेगा।
आरोपी को दो दिन के रिमांड पर पुलिस के हवाले
कैथल। मानस गांव में एक घर के कमरे में अल्ट्रासाउंड मशीन लगाकर भ्रूण लिंग जांच करने के मामले में पुलिस ने आरोपी ऋषिपाल के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में सिविल अस्पताल के पीएनडीटी के जिला नोडल अधिकारी डॉ. गौरव पूनिया के बयान दर्ज किए गए हैं। आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसका दो दिन रिमांड लिया है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी के पास से बरामद 2009 मॉडल की अल्ट्रासाउंड मशीन खरीदने का कोई लाइसेंस नहीं है। कैलरम निवासी आरोपी ऋषिपाल को पुलिस ने न्यायालय में पेश कर पूछताछ के लिए दो दिन के रिमांड पर लिया है। संवाद