कलायत। कलायत क्षेत्र में लोग पेयजल किल्लत से बेहाल हैं। स्नान व सफाई कार्य तो दूर की बात पीने के लिए भी जन स्वास्थ्य विभाग से पानी उपलब्ध नहीं हो रहा। ऐसे में पेयजल संकट को लेकर हर कोई परेशान है। पांच फरवरी को नहर में पानी छोड़े जाने की उम्मीद थी लेकिन एक सप्ताह से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी पानी की सप्लाई नहर मेंं नहीं आई।
ऐसे में जन स्वास्थ्य विभाग ट्यूबवेलों के जरियेे लोगों के घरों में पानी पहुंचाने का विफल प्रयास कर रहा है। सरकारी विभागों में भी पानी की समस्या से हर कोई परेशान है। बिना नहर में पानी आने के पेयजल पूर्ति करना विभाग के लिए बेहद मुश्किल कार्य है। शहर में 16 वार्डों के घनी आबादी के शहर मेंं विभाग के पास नहरी पानी के अलावा कोई अन्य मजबूत विकल्प नहीं है।
बोर पंपों से शहर में सुचारू रूप से पानी घरों तक नहीं पहुंच सकता। ऐसे में लोगों के साथ-साथ जन स्वास्थ्य विभाग के माथे पर चिंता की लकीर गहरी होती जा रही है। सिरसा ब्रांच नहर का हैड जिला करनाल के इंद्री में है। यह पश्चिमी जमुना से निकलती हुई हिसार जिला तक जाती है। इस पर खेतों के साथ-साथ आम जन की प्यास बुझाने का जिम्मा है।
नहर पर निर्भर रहने वाला इलाका इसमें काफी समय से पानी की क्षमता व दिन बढ़ाने की मांग करता आया है। जन स्वास्थ्य विभाग के पास जल भंडारण के लिए चार टैंक हैं। इनमेंं दो टैंक अढ़ाई एकड़ में, एक पांच एकड़ और एक साढ़े तीन एकड़ में विस्तार लिए है। बूस्टरों अनुसार कुलवंत नगर, सैनी कालोनी, अनाज मंडी, सीता नगर, सुभाष कालोनी, सजूमा रोड, साहसी मोहल्ला, मैन बाजार, कैंची चौक, इंदिरा कालोनी, राजेंद्र नगर, श्री कपिल मुनि धाम मार्ग, लाल चबूतरा, पुराना बाजार का कुछ हिस्सा, धीमान मोहल्ला व अन्य इलाके निर्भर रहते हैं।
कलायत जन स्वास्थ्य विभाग एसडीओ इंद्राज पंवार ने बताया कि सिरसा ब्रांच नहर में पांच फरवरी को पानी की सप्लाई आने की उम्मीद थी। लेकिन पानी नहीं आया। इसके चलते टैंकों में पानी की उपलब्धता नहीं है। ऐसे में वैकल्पिक व्यवस्था करते हुए पेयजल की सप्लाई दी जा रही है। उनका कहना है कि विभाग का लक्ष्य लोगों की मांग के अनुरूप पेयजल सप्लाई देना है। विपरीत स्थिति के चलते रोस्टर को तबदील करना पड़ रहा है।