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Kaithal News: रजिस्ट्री और इंतकाल के काम न होने से लोग परेशान

Tue, 10 Feb 2026 12:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। तहसीलों में तहसीलदारों की पेन-डाउन हड़ताल सोमवार को तीसरे दिन भी लगातार जारी रही, जिससे राजस्व से जुड़े सभी महत्वपूर्ण कार्य पूरी तरह ठप पड़े रहे। रजिस्ट्री, इंतकाल, नामांतरण और सीमांकन (निशानदेही) जैसे जरूरी कार्य न होने से आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

सोमवार को भी सुबह से ही तहसील कार्यालयों के बाहर लोगों की भीड़ जुटी रही। रोजमर्रा के जरूरी कामों को लेकर दूर-दराज के गांवों से पहुंचे फरियादी तहसीलदारों की अनुपस्थिति के कारण बिना काम कराए ही लौटने को मजबूर हुए। हड़ताल का सबसे ज्यादा असर जमीन-जायदाद से जुड़े मामलों पर देखा जा रहा है।
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रजिस्ट्री और इंतकाल की प्रक्रिया रुकने से संपत्ति के सौदे अटक गए हैं। बैंक ऋण लेकर जमीन या मकान खरीदने वाले लोगों को आर्थिक नुकसान का डर सता रहा है। वहीं सीमांकन और निशानदेही न होने से खेती-किसानी और निर्माण कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।

हरियाणा रेवेन्यू ऑफिसर एसोसिएशन के आह्वान पर चल रही इस हड़ताल के चलते सरकार के आदेश के बावजूद एसडीएम स्तर पर पंजीकरण प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी। रजिस्ट्री प्रक्रिया के लिए आवश्यक आईडी अब तक जारी नहीं की गई है। तहसीलदारों की प्रमुख मांगों में दो नायब तहसीलदारों पर की गई कार्रवाई वापस लेने और तहसीलदार वजीराबाद की बहाली शामिल है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हड़ताल लंबी चली तो इसका असर राजस्व वसूली और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी पड़ेगा। रजिस्ट्री न होने से स्टांप ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क का नुकसान होगा, वहीं लंबित मामलों की संख्या लगातार बढ़ती जाएगी।

ये तहसीलें हैं प्रभावित

कैथल जिले में कैथल, गुहला, कलायत और पूंडरी तहसीलें हैं, जबकि राजौंद, ढांड और सीवन उप तहसील हैं। हड़ताल के चलते करीब 1800 इंतकाल, लगभग 300 रजिस्ट्रियां और बड़ी संख्या में किसानों की निशानदेही अटकी हुई है, जिससे लोग खासे परेशान हैं।
परेशानी, लोगों की जुबानी ...
जमीन बेचने का किया था सौदा

भगत सिंह कॉलोनी निवासी संदीप ने बताया कि जमीन बेचने का सौदा तय किया था, लेकिन रजिस्ट्री न होने के कारण मामला अटका हुआ है। बार-बार तहसील के चक्कर लगाने से समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहे हैं।
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निशानदेही करवानी थी: राजेंद्र

क्योड़क निवासी राजेंद्र ने बताया कि उन्होंने हाल ही में जमीन खरीदी है और निशानदेही करवानी थी, लेकिन तहसीलदार न होने से काम रुका हुआ है। सरकार को तहसीलदारों की मांगें जल्द माननी चाहिए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।

जब तक सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करती, तब तक पेन-डाउन हड़ताल जारी रहेगी। सरकार को जल्द सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।

-रविंद्र, तहसीलदार
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