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Kaithal News: पंजीकृत किसानों में से 38% की फार्मर आईडी

Tue, 10 Feb 2026 12:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ किसानों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचाने के उद्देश्य से किसान पहचान पत्र (फार्मर आईडी) अनिवार्य की जा रही है। लेकिन शुक्रवार तक की रिपोर्ट के अनुसार जिले के 1,28,816 पंजीकृत किसानों में से केवल 55,560 किसानों ने फार्मर आईडी बनवाई है। इसका मतलब है कि 38 प्रतिशत किसानों ने आईडी बनवा ली है, जबकि 62 प्रतिशत किसानों ने अभी तक आईडी नहीं बनवाई है।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि किसान पहचान पत्र (फार्मर आईडी) नहीं बनवाने वाले किसानों को भविष्य में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि सहित अन्य कृषि योजनाओं का लाभ मिलने में दिक्कत हो सकती है। इसके अलावा बिना आईडी किसानों की सब्सिडी, फसल बीमा और अन्य लाभों में भी विलंब हो सकता है।
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किसानों में फार्मर आईडी को लेकर कई भ्रांतियां फैली हुई हैं। कई किसानों को डर है कि आईडी बनवाने से उनकी वृद्धावस्था पेंशन या राशन कार्ड प्रभावित हो सकता है। इस आशंका के कारण कई किसान आईडी बनवाने से हिचक रहे हैं।
योजना एग्री स्टैक ः एसडीओ सतीश नारा ने बताया कि किसान पहचान पत्र (फार्मर आईडी) का उद्देश्य केवल किसानों का सही और अद्यतन डाटा तैयार करना है ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक किसानों तक पहुंचे और फर्जीवाड़े पर रोक लगाई जा सके।
एग्री स्टैक योजना के तहत किसानों की यूनिक फार्मर आईडी बनाई जा रही है। यह एक आधुनिक डिजिटल इको-सिस्टम है, जिसका उद्देश्य खेती-किसानी से जुड़ी सभी जानकारियों को एक ही मंच पर लाना है।
उन्होंने बताया कि जैसे प्रत्येक नागरिक की पहचान आधार कार्ड से होती है, उसी प्रकार यूनिक फार्मर आईडी किसानों की सटीक, प्रमाणिक और पारदर्शी डिजिटल पहचान बनेगी। यूनिक आईडी बनने के बाद किसान पीएम-किसान योजना, फसल बीमा, खाद-बीज पर मिलने वाली सब्सिडी सहित अन्य सरकारी लाभ सीधे बैंक खाते में और बिना किसी देरी के प्राप्त कर सकेंगे।
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किसानों से आग्रह है कि वे जल्दी से जल्दी फार्मर आईडी बनवाएं, क्योंकि बिना आईडी सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा। जैसे- प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि सहित अन्य कृषि योजनाओं का लाभ मिलने में परेशानी होना तय है। बीते शुक्रवार तक 1,28,816 पंजीकृत किसानों में से 55560 की आईडी बन चुकी है।

डॉ. सुरेंद्र, उपनिदेशक-कृषि विभाग
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