संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी की ओर से जारी नोटिस के बावजूद भी गांवों में सफाई कर्मचारी गांवों की बजाए पंचायत सदस्यों के यहां नौकरी करने जा रहे हैं। लोगों ने ये आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें गलियों व नालियों की सफाई खुद करनी पड़ रही है।
बालू के गुरुदेव सिंह ने सीएम विंडो में शिकायत देकर सफाई कर्मचारियों को निर्देश दिए जाने की मांग की थी। गुरुदेव ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि कुछ ग्राम पंचायतों में कार्यरत सफाई कर्मचारी सरपंचों व पंचों के दबाव में आकर या तो उनके घर या फिर उनके निजी क्षेत्रों में ही साफ-सफाई का कार्य कर रहे हैं। गांव की गलियों व नालियों का गंदगी के कारण से बुरा हाल है।
उन्होंने मांग की थी कि सफाई कर्मियों को पंचायत प्रतिनिधियों के आवास या क्षेत्र की बजाए गांव की साफ सफाई करने के बारे में निर्देश दिए जाएं। शिकायत पर संज्ञान लेते हुए बीडीपीओ कलायत ने 17 दिसंबर को ग्राम सचिवों व सरपंचों को नोटिस भेज कर निर्देश दिए थे कि सफाई कर्मचारी केवल सार्वजनिक स्थानों पर ही सफाई करें। सरपंच व पंचायत सदस्य उनकी सेवाएं अपने घरों या निजी क्षेत्र में न लेकर गांव की सफाई में लें।
गुरुदेव सिंह ने कहा कि नोटिस के बावजूद भी सफाई कर्मचारी गांव की गलियों व नालियों की सफाई करते नजर नहीं आ रहे। मजबूरन लोगों को खुद से नालों की सफाई करना पड़ रही है। इस संबंध में बीडीपीओ जगजीत सिंह ने बताया कि नोटिस देने के बाद भी यदि हालात ऐसे ही हैं तो वे शुक्रवार को स्वयं गांवों में जाकर जांच करेंगे।