कैथल। शहर की कई कॉलोनियों और वार्डों में लोगों को मिलने वाली सुविधा समस्याओं का सबब बन गई है। लोगों का आरोप है कि एक निजी कंपनी ने गैस की पाइप लाइन बिछाने के लिए गलियां व सड़के उखाड़ दी। पाइप लाइन दबाने के बाद गलियों व सड़कों के गड्ढों को नहीं भरा है। यही नहीं पानी की पाइप लाइनों को भी जगह-जगह से तोड़ दिया। घरों में गंदा पानी पहुंच रहा है।शहरवासी निजी कंपनी के खिलाफ रोष जताते कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
कंपनी ने बीते वर्ष अक्तूबर और इस वर्ष जुलाई में कई जगहों पर गैस लाइन बिछाई हैं। इन जगहों में चिरंजीव कॉलोनी, राजेंद्र सेठ कॉलोनी, शिव नगर, गैबी साहब कॉलोनी, चंदाना गेट, वार्ड 22 की कॉलोनियां व उनके आसपास का क्षेत्र शामिल है। कंपनी ने बीते वर्ष तोड़ी गई सड़कों और गलियों में गड्ढों को नहीं भरा, अब दोबारा गलियां टूटने से लोगों का गुस्सा और बढ़ गया है।
शहरवासियों का कहना है कि कंपनी ने लाइनें बिछाने के लिए न तो अधिकारियों से अनुमति समयानुसार ली और न ही वार्डों के पार्षदों को इस संबंध में अवगत करवाया। जिन ठेकेदारों को गैस लाइन बिछाने और उसके बाद तोड़ी गई सड़कों की मरम्मत का ठेका दिया था, उन्हें कार्य में लापरवाही बरती है। इसका खामियाजा कॉलोनियों और वार्डों में रहने वाले लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
चिरंजीव कॉलोनी निवासी मास्टर सतपाल ने बताया कि कॉलोनी में करीब चार माह पहले गैस लाइन बिछाई गई थी। उसके बाद गड्ढों को आज तक भरा नहीं गया है। पानी की पाइप लाइन जगह-जगह से टूट गई, उसे भी ठीक नहीं किया जा रहा। संबंधित विभाग को लापरवाह ठेकेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
वार्ड 29 के पार्षद राज सैनी ने बताया कि उनके वार्ड में तकरीबन सभी कॉलाेनी व मोहल्लों में हाल खराब हैं। पहले स्वयं के खर्च पर पेयजल की लाइनें ठीक करवानी पड़ी थी, अब फिर हालात खराब हो गए हैं। गैस पाइप लाइन की वजह से पानी की लाइनें टूट गई हैं। बीते दिनों जब पानी बिल्कुल गंदा आ रहा था तो उसे वार्ड के लोगों को टैंकर के माध्यम से पानी उपलब्ध करवाना पड़ा। शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो धरना प्रदर्शन के लिए विवश होंगे।
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फोटो नंबर-13
मामले में कुछ वार्डो के पार्षदों ने उनके साथ मुलाकात की थी। इसके बाद समस्या पर गैस कंपनी के अधिकारियों से वार्तालाप हुई है। जहां भी गलियां तोड़ी गई हैं, उन्होंने जल्द ठीक करवाने का आश्वासन दिया है। समस्या का जल्द ही स्थायी समाधान खोज लिया जाएगा। - सुशील कुमार, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद।