संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिला नागरिक अस्पताल में हेपेटाइटिस बी व सी के सैंपल देरी से आने से मरीजों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। अस्पताल में मरीजों की संख्या तो लगातार बढ़ रही है, लेकिन रिपोर्ट देरी से मिलने से मरीज बेहाल है।
सैंपलों को जांच के लिए कलायत स्थित मॉड्यूलर लैब के साथ-साथ दूसरे जिलों में भेजा जा रहा है। ऐसे में मरीजों को 20 से 25 दिनों तक सैंपल रिपोर्ट आने का इंतजार करना पड़ता है। इस दौरान मरीज बीमारी की जांच व इलाज शुरू करने को लेकर चक्कर काटने को मजबूर हो रहे हैं।
इस समय भी 200 से ज्यादा लोगों की सैंपल रिपोर्ट अटकी हुई है। रोजाना 10 से 15 लोग सैंपल देने के लिए अस्पताल में पहुंच रहे हैं।
2014 से अब तक आ चुके 10 हजार से अधिक मरीज ः स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी अनुसार जिलेभर में वर्ष 2014 से लेकर अब तक 10 हजार से अधिक हेपेटाइटिस बी व सी के मरीज आ चुके हैं। इनमें से एक हजार से ज्यादा मरीजों की दवाई चल रही है। जिले के राजौंद व गुहला-चीका क्षेत्र में मरीजों का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। यहां कई गांव में तो संख्या बहुत ज्यादा है। हालांकि विभाग की तरफ से बीमारी से बचाव को लेकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद मरीजों की संख्या में इजाफा होना चिंता का विषय बना हुआ है।
जिला नागरिक अस्पताल में हेपेटाइटिस बी व सी के सैंपल की रिपोर्ट में देरी कारण करनाल और पंचकूला से सैंपलों की जांच होना है। यहां पर पिछले लंबे समय से सैंपल किट खत्म हो चुकी है। इस कारण ही रिपोर्ट में देरी आ रही है। जैसे ही व्यवस्था बनेगी तो यह समस्या दूर हो जाएगी। - डॉ. सचिन मांडले, प्रधान चिकित्सा अधिकारी, जिला नागरिक अस्पताल, कैथल।