संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिला नागरिक अस्पताल में लैब में समय पर रिपोर्ट नहीं मिल पा रही है। यहां पर मशीनें कम और मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण काफी अधिक परेशानियां होती है। बता दें यहां पर सैंपल देने के एक दिन बाद ही रिपोर्ट मिलती है। रिपोर्ट न मिलने पर मरीज भटकते हैं। यहां पर रक्त की जांच के लिए केवल एकमात्र मशीन है। एक दिन में अस्पताल में 500 से अधिक सैंपल लिए जाते हैं।
गौरतलब है कि अस्पताल में रिपोर्ट देने का समय भी दोपहर दो बजे तक का ही निर्धारित किया गया है। एक साथ मरीजों की टेस्टों की संख्या तीन गुणा बढ़ने से सरकारी लैब की मशीनरी जवाब दे गई है। अकेले सरकारी लैब में ही करीब 500 मरीजों के प्रतिदिन एक हजार से अधिक टेस्ट हो रहे हैं। इससे प्रयोगशाला की मशीनरी और उपकरण जवाब दे गए हैं। मरीजों के सीबीसी यानी कंप्लीट ब्लड काउंट टेस्ट नहीं हो पा रहे हैं।
आधुनिक मशीनों का लैब में है अभाव
स्वास्थ्य विभाग की जानकारी के अनुसार, एक घंटे में महज 20 टेस्ट की ही रिपोर्ट मरीजों को थमाई जा सकती है। जबकि प्रयोगशाला में टेस्ट के लिए पहुंचे रहे अन्य मरीजों को टेस्ट की रिपोर्ट हासिल करने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। यही नहीं विभाग के अनुसार यहां पर आधुनिक मशीन का भी अभाव है। यहां पर वहीं पुराने ढर्रे की मशीन है। जिस कारण मरीजों के काफी कम टेस्ट नहीं हो पाते हैं।
प्रयोगशाला के प्रभारी मोनिका धनखड़ के अनुसार, बैकअप मशीनरी उपलब्ध न होने के चलते सीबीसी, और थायरड टेस्ट की रिपोर्ट भी मरीजों को तय समय पर उपलब्ध नहीं हो पा रही है। रोजाना एक हजार से अधिक टेस्ट बायो कैमिस्ट्री प्रयोगशाला में हो रहे हैं, जबकि इसकी क्षमता इससे कम है।
जिला नागरिक अस्पताल में आचार संहिता से पहले ही विभाग से कई नई मशीनों की मांग की गई थी। अब आचार संहिता लगी हुई है। इस कारण मशीनों के आने के थोड़ा विलंब हो रहा है। अब आचार संहिता हटने के बाद मशीनों के आने की संभावना है।
- डॉ. सचिन मांडले, प्रधान चिकित्सा अधिकारी, जिला नागरिक अस्पताल, कैथल।