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पूर्व हिस्सेदार के नाम पर फर्जीवाड़ा, बैंक से निकाले 9. 42 करोड़ रुपये

Fri, 17 Jul 2015 12:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/कैथल
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कैथल। नौच गांव में एक राइस मिल में हिस्सेदार रहे पूर्व डायरेक्टर के नाम से मिल मालिक ने क्रेडिट लिमिट के जरिये बैंक से 9 करोड़ 42 लाख रुपये निकाल लिए। आरोपी ने फर्जी साइन और खाते से सारे खेल को अंजाम दिया।  पुलिस ने पूर्व डायरेक्टर की शिकायत पर सीआईए-3 ने जांच के बाद आरोपी मिल मालिक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
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एसपी को दी शिकायत में गांव नौच निवासी नरेंद्र राजराणा ने बताया कि 20 अगस्त 2010 को गांव नौच में मेसर्ज वेकिन एग्रो इंडस्ट्री प्राइवेट लिमिटेड राइस मिल में 20 प्रतिशत की हिस्सेदारी ली थी। मिल में उसी के गांव का राजेश राणा की 80 प्रतिशत साझेदारी थी।

नरेंद्र ने बताया कि उसे 20 प्रतिशत की हिस्सेदारी पर डायरेक्टर बनाया गया था। लेकिन उसने 20 अगस्त 2012 को उसने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद एक दिसंबर 2012 तक उसने फर्म को पूरी तरह से छोड़ दिया। पूरा हिसाब-किताब चुकता कर लिया। उसका फर्म से कोई लेन-देन नहीं था।
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नरेंद्र राजराणा ने बताया कि 20 सिंतबर 2014 को मामले की जानकारी डिप्टी जनरल मैनेजर कॉरपोरेशन बैंक दिल्ली को भी जानकारी दे दी थी। लेकिन जनवरी 2015 में बैंक की ओर से उसे डिफॉल्टर घोषित करने का नोटिस भेजा गया। नोटिस के बाद छानबीन में उसे पता चला कि बैंक से उसके नाम से 9 करोड़ 42 लाख रुपये निकलवाए गए हैं। उसने जांच की तो पता चला कि मिल मालिक राजेश राणा ने उसके नाम से फर्जी खाता खुलवाया। 15 सिंतबर 2012 को खुले इस खाते में उसके फर्जी हस्ताक्षर करवाए गए।

बैंक कर्मचारियों की भी मिलीभगत हो सकती है। बैंक में कर्मचारियों की मिलीभगत के बिना खाता नहीं खुल सकता और ना ही बैंक से इतनी बड़ी राशि निकल सकती है। खाता खुलवाने के बाद इस फर्म की क्रेडिट लिमिट बनवाई गई। उसके फर्जी हस्ताक्षर करके 18 बार ट्रांजेक्शन करवाई गई। बैंक की क्रेडिट लिमिट से 9 करोड़ 42 लाख रुपये निकलवाए गए। उसे संबंध में कोई जानकारी नहीं थी।

आरोपी की पत्नी भी शामिल
नरेंद्र ने यह भी बताया कि उसके मिल में से हट जाने के बाद आरोपी ने पत्नी को मिल में शामिल किया था। लेकिन अपनी पत्नी के नाम से खाता खोलने के बजाये आरोपी ने उसी के नाम से फर्जी खाता खोल कर यह धोखाधड़ी की, ताकि किसी को पता न चले। उसने इस मामले की एसपी को शिकायत दी। एसपी के आदेश पर मामले की सीआईए-3 ने जांच की और आरोपी राजेश राणा के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।

जांच अधिकारी एएसआई रमेश चंद ने बताया कि अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस ने राजेश राणा के खिलाफ केस दर्ज किया है। एसपी कृष्ण मुरारी ने बताया कि पुलिस ने सीआईए-3 की जांच के बाद आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच आरंभ कर दी है। दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। आरोपी की अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई है।
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