संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। स्थानीय कार्यालय में बुधवार को आयोजित संवाद कार्यक्रम में शहर के सामाजिक लोगों ने भाग लेकर प्रमुख समस्याओं पर अपने विचार रखे। बैठक में शहर की बदहाल पार्किंग व्यवस्था मुख्य मुद्दा रही। लोगों ने कहा कि शहर में पार्किंग की कोई ठोस व्यवस्था न होने के कारण पूरे दिन जाम की स्थिति बनी रहती है।
प्रबुद्ध लोगों ने बताया कि अंबाला रोड पर बैंकों की अधिक संख्या होने के कारण ग्राहकों के वाहन सड़क पर खड़े रहते हैं, जिससे यह मार्ग संकरा हो जाता है और घंटों जाम लगा रहता है। नगर परिषद और जिला प्रशासन आज तक पार्किंग का ठोस प्रबंध नहीं कर सके हैं, जिसके चलते लोगों में रोष बढ़ रहा है। कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि शहर में सीवरेज व्यवस्था अत्यंत खराब है और कई जगह सड़कें टूटी हुई हैं। उन्होंने संबंधित विभागों से तुरंत कार्रवाई करने की मांग की।
पार्किंग प्रोजेक्ट अधर में, शहर को बड़ी राहत मिलनी थी
शहर के पुराने बस स्टैंड की 43 कनाल 10 मरला जमीन पर प्रस्तावित सिटी स्क्वायर प्रोजेक्ट पर भी चर्चा हुई। बताया गया कि करीब 54 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह प्रोजेक्ट 2018 से अटका हुआ है। नगर परिषद द्वारा नया टेंडर भेजने के लिए भेजी गई फाइल मुख्यालय ने दस्तावेजों की कमी बताकर निरस्त कर दी। अब नगर परिषद फाइल दोबारा तैयार कर भेजेगी। इस प्रोजेक्ट से एक जगह सभी बैंक होने के साथ शहर को पार्किंग संकट से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद थी।
शहर में हर तरफ जाम रहता है। जब पार्किंग व्यवस्था ही नहीं, तो पुलिस भी क्या कर सकती है। प्रशासन को इसका समाधान करना चाहिए। -प्रवेश बंसल (सेवा संघ)
शहर में पार्किंग न होना कार्यप्रणाली पर सवाल है। लोग मजबूरी में सड़क पर ही वाहन खड़े करते हैं। -अशोक भारती (अश्वनी चेरिटेबल ट्रस्ट)
बाजारों में खरीदारी के लिए आने वालों को पार्किंग न होने से भारी परेशानी होती है। सड़क पर वाहन खड़ा करें तो पुलिस चालान कर देती है। -अनिल आहूजा (पंजाबी विकास सभा)
सिटी स्क्वायर में पार्किंग बननी थी, लेकिन प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ा। जनता जाम की मार झेल रही है। -राजू डोहर, समाजसेवी
गीता भवन के पास पार्किंग के लिए जमीन खोदी है, लेकिन सुरक्षा के लिए रेलिंग तक नहीं लगाई गई। इससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। -तेजिंदर पाल साहित्यकार