संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जहां आज भी समाज का एक वर्ग महिलाओं को केवल चूल्हा-चौका और बच्चों की जिम्मेदारियों तक सीमित मानता है, वहीं कैथल की परमजीत मुखारिया इस सोच को लगातार चुनौती दे रही हैं। शहर के चंदाना गेट स्थित ओम प्रभा जैन मार्केट के सामने लेडीज टेलर की दुकान चलाने वाली परमजीत न सिर्फ खुद आत्मनिर्भर हैं, बल्कि सैकड़ों महिलाओं और जरूरतमंद बच्चियों के लिए मजबूत सहारा भी बन चुकी हैं।
परमजीत मुखारिया पिछले 22 वर्षों से सिलाई के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अपने हुनर और मेहनत के बल पर उन्होंने न केवल अपनी पहचान बनाई, बल्कि अनेक महिलाओं को रोजगार और आत्मविश्वास भी दिया। बीते तीन वर्षों में ही वे करीब 200 महिलाओं को रोजगार और प्रशिक्षण दे चुकी हैं। उनका यह प्रयास साबित करता है कि आज की महिलाएं किसी पर निर्भर नहीं हैं और वे अपने दम पर समाज में बदलाव लाने की पूरी क्षमता रखती हैं।
ज्ञान बांटने से बढ़ता है ः परमजीत का मानना है कि सिलाई सिर्फ कपड़े जोड़ने का काम नहीं है, बल्कि यह महिलाओं को अपने पैरों पर खड़ा करने का एक सशक्त माध्यम है। इसी सोच के साथ उन्होंने अपने व्यवसाय को समाज सेवा से जोड़ा। उनका कहना है कि ज्ञान बांटने से बढ़ता है। जितना अधिक हम अपने हुनर को दूसरों तक पहुंचाते हैं, उतना ही स्वयं भी सीखते हैं और समाज को आगे बढ़ाने में योगदान देते हैं।
इसी भावना के तहत परमजीत अपने प्रशिक्षण केंद्र में अनाथ बच्चियों को निशुल्क सिलाई का प्रशिक्षण देती हैं। उनका उद्देश्य इन बच्चियों को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें समाज में सम्मानजनक पहचान दिलाना है। पिछले तीन वर्षों में वे 200 से अधिक लड़कियों को सिलाई का प्रशिक्षण दे चुकी हैं। इनमें से कई आज घर से सिलाई का काम कर रही हैं।
बच्चों को भी दिया जा रहा प्रशिक्षण
परमजीत दुकान में महिलाओं के साथ-साथ बच्चियों को भी सिलाई सिखा रही हैं। उनका मानना है कि कम उम्र से ही हुनर सीखने से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे भविष्य में इसे एक पेशे के रूप में अपनाने के योग्य बनती हैं। इसके अलावा परमजीत द्वारा शुरुआती महिलाओं और लड़कियों के लिए मासिक सिलाई कोर्स भी संचालित किया जा रहा है। इसमें उनको शामिल किया जाता है, जिन्हें सिलाई का अनुभव नहीं होता। उन्हें सिलाई सिखाकर आत्मनिर्भर बनाने की जुगत करती हैं।