कैथल। शहर में कई दुकानों पर मिलने वाले पनीर, दही और अचार खाने लायक नहीं हैं। ये सेहत में नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसका खुलासा खाद्य सुरक्षा विभाग की तरफ से लिए गए सैंपल की रिपोर्ट में हुआ है। जून माह में लिए 15 सैंपल में से शहर की दुकान-डेयरी के चार सैंपल फेल मिले हैं।
इनमें दो पनीर, एक दही और एक आचार का सैंपल शामिल है। रिपोर्ट के अनुसार यह स्पष्ट है कि शहर में मिलने वाला पनीर, दही और अचार खाने लायक नहीं है। जून महीने के बाद से शहर में खाद्य पदार्थों की सैंपलिंग पर पूरी तरह ब्रेक लगा हुआ है। जुलाई में एक भी सैंपल नहीं लिया गया।
इसके पीछे स्थायी अधिकारी का न होना बताया जा रहा है।
बाजारों में सजे बीमारियों के स्टाल : शहर में जगह-जगह फिरनी, घेवर या मुख्य मार्गों पर अन्य खाने-पीने के स्टाल लगे हैं। डाॅ. जितेंद्र गिल के अनुसार ऐसी चीजें पेट की गंभीर बीमारियों से लेकर कैंसर तक का कारण बन सकते हैं।
लोगों का आरोप है कि शहर के कई डेयरी संचालकों की ओर से कम लागत में ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए दूध में यूरिया और डिटर्जेंट मिलाकर सिंथेटिक पनीर और दही तैयार किया जा रहा है। वहीं अचार को लंबे समय तक खराब होने से बचाने के लिए प्रतिबंधित और घटिया दर्जे के रंगों का इस्तेमाल हो रहा है।