गांव शेरगढ़ के लोगों ने 21 साल के युवा को सरपंच चुना है। गांव में इस बार अनुसूचित जाति के लिए सरपंच का पद आरक्षित था। गांव के दो उम्मीदवारों गुरनाम (21) और महिला पूनम देवी ने नामांकन भरा था। 918 वोट के इस गांव ने युवा गुरनाम को भारी बहुमत से विजयी बनाया। बीए पास गुरनाम इस समय एमकॉम कर रहा है।
गुरनाम के परिवार का राजनीति से दूर-दूर तक लेना-देना नहीं था लेकिन गांव में अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हुई सीट के चलते परिवार ने उसे चुनाव मैदान में उतारने का फैसला किया। एमकॉम कर रहे गुरनाम को अपने कैरियर को लेकर ज्यादा फिक्र थी लेकिन परिजनों के कहने पर गुरनाम ने सरपंच पद के लिए पर्चा भर दिया। लोगों ने समर्थन दिया। गांव की ही पूनम देवी को 340 वोटों के भारी अंतर से पराजित किया। गांव में कुल 918 वोट हैं जिनमें से 868 वोट डले। गुरनाम ने 604 वोट हासिल किए जबकि पूनम को 264 वोट मिले।
रोजगार बढ़ाना रहेगी प्राथमिकता
गुरनाम का कहना है कि गांव में सड़कें, गलियों जैसे काम ज्यादा लंबित नहीं हैं। अधिकतर सड़कें और गलियां पक्की हैं। उनका मुख्य फोकस रोजगार पर रहेगा। गांव के बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिले इसके लिए प्रयास किए जाएंगे। चाहे निजी कंपनियों हो या फिर कारपोरेट सेक्टर। गांव के युवाओं को उचित शिक्षा दिलवाने और रोजगार हासिल करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके लिए कंपनियों के साथ अनुबंध करने समेत शिक्षा के क्षेत्र में काम कर रही संस्थाओं से भी सहयोग लिया जाएगा।