संवाद न्यूज एजेंसी
सीवन/कैथल। भारत-पाकिस्तान के बीच बनी तनाव के बीच दिनभर गांवों में केवल भारत के पराक्रम पर चर्चा होती रही। शाम को जब युद्ध विराम की सूचना मिली तो ग्रामीणों खासकर युवाओं का कहना था कि भारत ने अपने पराक्रम से समझा दिया कि अब आतंक मचाया तो हम तांडव दिखा सकते हैं। बाद में जब पाकिस्तान की हरकत का पता चला तो वे बोले कि वह सुधरने वाला नहीं है।
हालांकि बाद में फिर से पाकिस्तानी हमलों के बाद माहौल बदल चुका है। बातचीत में ग्रामीण बोले कि यदि पाकिस्तान नागरिकों को नुकसान पहुंचाने की शरारत करता है तो उसी की तरीके से सेना के जवान जवाब दें। दोनों देशों के बीच पैदा हुए तनाव के बाद गांवों में पिछले दो दिन से सन्नाटा छाया रहा।
अमर उजाला ने शनिवार को भी सौंगल व माणा पट्टी गांव का दौरा कर ग्रामीणों की राय जानी। इन गांव के युवाओं को युद्ध की स्थिति के बीच अब गांवों के लोगों की ओर से भी सेना का हौसला बढ़ाया जा रहा है। इन गांवों में बलिदानियों के बारे में चर्चा जारी रही।
सबसे पहले सुबह साढ़े 10 बजे अमर उजाला की टीम सौंगल में पहुंची। यहां पर सन्नाटा छाया रहा था। यहां पर ग्रामीण जोनी ने बताया कि पाकिस्तान ने लगातार दो दिन तक अलग-अलग जगहों पर बॉर्डर के इलाकों पर मिसाइलें दागी, लेकिन यहां पर भारत ने हमलों को रोक दिया। उसने हमले के लिए आई मिसाइलों के सभी हमलों को आसमान में ही ध्वस्त कर दिया।
मुनीष, सोनू व मौजी ने कहा कि भारतीय सेना अपने फैसले को लेने में सक्षम रही है। इसके बाद करीब साढे़ 11 बजे माणा पट्टी गांव में पहुंचे। यहां पर भी एक चौपाल पर मौजूद बुजुर्गों ने भारतीय सेना के पराक्रम को सराहा। कहा कि जानकारी मिली है कि भारत-पाकिस्तान के बीच बन रही युद्ध की स्थिति पर विराम लगने की सूचना है। यह अच्छा फैसला है।
ग्रामीण रामकुमार, पवन, अजमेर, रामकुमार, रामफल और ओमप्रकाश ने बताया कि पाकिस्तान के आतंकियों ने 22 अप्रैल के दिन पहलगाम में हमला हुआ। इसके बाद से स्थिति तनावपूर्ण बनी थी। ऐसे में ही युद्ध की स्थिति बनी थी। देर शाम युद्धविराम और फिर से पाक की हरत पर ग्रामीण बोले, पाकिस्तानी की सेना सुधरने वाली नहीं है।