कैथल। सावन के पहले सोमवार को शिवालय बम बोले के जयकारों से गूंज उठे। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की आराधना की। बारिश के बीच दिनभर श्रद्धालु भोलेनाथ के जयकारे लगाते हुए उनका जलाभिषेक करते रहे। सोमवार को सुबह से ही शिवालयों में भगवान शिव के जयकारों ने भक्तिमय माहौल बना दिया।
सुबह चार बजे ही मंदिरों के कपाट खुल गए थे। सुबह पांच बजे जलाभिषेक करने के लिए श्रद्धालु मंदिरों में पहुंचने लगे। सुबह छह बजे से मंदिरों में श्रद्धालुओं की लाइन लगने लगी और दिनभर श्रद्धालुओं ने लाइन में लगकर जलाभिषेक किया। शहर के श्री ग्यारह रुद्री शिव मंदिर, ढांड रोड स्थित शिव शक्ति धाम मंदिर, हनुमान वाटिका स्थित शिव मंदिर में श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। हनुमान वाटिका मंदिर के पुजारी पंडित विशाल शर्मा शास्त्री ने कहा कि सावन माह लगने से पहले ही मंदिरों को सजा दिया गया था। पूरे सावन माह में सुबह के समय श्रद्धालु मंदिर में जलाभिषेक करने के पहुंचते हैं। इस बार दो सावन होने के कारण श्रद्धालु भी दो माह तक सुबह के समय भगवान शिव पर जलाभिषेक करेंगे।
उधर, राजौंद में आचार्य पंडित राम भगत हरित ने बताया कि सावन में सोमवार के व्रत रखने का अधिक फल मिलता है। उन्होंने बताया कि 15 जुलाई को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा।
उधर, कलायत में अनेक स्थानों पर महाकांत का दूध के अलावा गन्ने के रस, सरसों के तेल से भी अभिषेक करवाया गया। पंडित विशाल शांडिल्य ने कहा कि सावन सोमवार व्रत के दिन भगवान भोलेनाथ की पूजा विधि विधान से की जाती है। इनको मनचाहे जीवनसाथी की कामना होती है, वे सावन सोमवार व्रत रखते हैं। सावन का पहला सोमवार बुधादित्य योग में मनाया गया। भक्तों ने जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक किया।