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Kaithal News: लाइटों, फल-फूलों के साथ सजाए शिवालय

Fri, 08 Mar 2024 01:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। महाशिवरात्रि का पर्व शुक्रवार को मनाया जाएगा। शिवालयों में महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में भव्य तरीके से सजाया गया है। मंदिरों को रंगीन लाइटों, फूलों, फलों के साथ सजाया गया। अल सुबह से ही मंदिरों के कपाट खुल जाएंगे। सुबह से ही शिवालयों में भगवान शंकर के जलाभिषेक शुरू हो जाएगा। गौरतलब है कि शहर के श्री ग्यारह रुद्री शिव मंदिर में श्रद्धालु बहुत ही उत्साह पूर्वक भगवान शिव की पूजा अर्चना करते हैं। इसके अलावा शहर में अन्य मंदिरों में भी श्रद्धालु पूजा अर्चना के लिए पहुंचते हैं। श्री ग्यारह रुद्री शिव मंदिर के पुजारी मुनींद्र मिश्रा ने बताया कि हर वर्ष की भांंति इस बार भी मंदिर को बड़े ही भव्य तरीके से सजाया गया है। ग्यारह रुद्री शिव मंंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। श्री ग्यारह रुद्री मंदिर में भगवान शिव के रुद्रों के दर्शन करने से श्रद्धालुओं की मनोकामना पूर्ण होती है।

हनुमान वाटिका के पुजारी पंडित विशाल शर्मा ने कहा कि मंदिर को भव्य तरीके से सजाया जाता है। अल सुबह से ही श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए पहुंचने लगते हैं और शाम तक जलाभिषेक करते हैं।
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इस बार शिवरात्रि पर विशेष संयोग बन रहा है। जो भी श्रद्धालु भगवान शिव का व्रत करेंगे और जलाभिषेक करेंगे उनकी मनोकामना पूर्ण होगी।

ऐसे करें शिव जी की पूजा

महाशिवरात्रि के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठे और दिन की शुरुआत ईश्वर के ध्यान से करें। इसके बाद स्नान कर साफ सफेद वस्त्र धारण करें। इस दिन काले रंग के कपड़े पहनने से बचें। अब सूर्य देव को जल अर्पित करें। इसके बाद भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा स्थापित करें। अब शिवलिंग का जल, दूध और गंगाजल से अभिषेक करें। शिवलिंग पर फूल, बेलपत्र और बेर आदि चीजें अर्पित करें। घी का दीपक जलाएं और आरती करें। साथ ही शिव का चालीसा का पाठ करें। भगवान शिव को विशेष चीजों का भोग लगाएं और लोगों में प्रसाद का वितरण करें।

महाशिवरात्रि का शुभ मुहूर्त

सनातन धर्म में महाशिवरात्रि के पर्व अधिक महत्व है। पंचांग के अनुसार, फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि की शुरुआत 08 मार्च, 2024 को रात्रि 09 बजकर 57 मिनट से होगी और इसके अगले दिन यानी 09 मार्च, 2024 को शाम 06 बजकर 17 मिनट पर तिथि का समापन होगा। ऐसे में महाशिवरात्रि व्रत 08 मार्च को किया जाएगा।
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बम-बम भोले... के जयकारों की गूंज

गुहला-चीका। कोहिनूर शिक्षण सोसायटी की ओर से संचालित कोहिनूर इंटरनेशनल अकादमी में महाशिवरात्रि की पूर्व संध्या पर एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया। इसका शुभारंभ अंग्रेजी व हिंदी के भाषण की ओर से किया। बच्चों को भगवान शिव और माता पार्वती के शुभ विवाह के बारे में बताया। इसके बाद शिव शंकर को जिसने पूजा... भजन की ओर से सारा वातावरण भक्ति-भाव से सराबोर हो गया। बम-बम भोले... के जयकारों से पूरी अकादमी गुंजायमान हो गई। अंत में शिव तांडव व शिव पार्वती के दृष्टांत ने सभी को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। प्रधानाचार्या कंवलजीत कौर बाजवा व अध्यक्ष डॉ. सुखविंद्र कौर ने बताया कि भगवान शिव ने हलाहल का पान किया व नीलकंठ कहलाए। संवाद
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