कैथल। गांव पाडला में सरकार ने खिलाड़ियों के लिए जमीन तो दे दी लेकिन आगे बढ़ने के लिए उन्हें सुविधाएं नहीं मिल सकी हैं। यहां चारों ओर घासफूस है और मैदान का सारा ट्रैक टूटा पड़ा है। यहां न लाइटें हैं और न पीने के पानी की सुविधा। नतीजा अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों को परेशान होना पड़ता है।
गौरतलब है कि पिछले 22 वर्षों से मंडी के पास खाली जमीन पर खिलाड़ी अभ्यास किया करते थे लेकिन बाद में गांव की पंचायत ने खिलाड़ियों के लिए साढे छह किले अलग से खेल स्टेडियम के लिए दे दिए थे लेकिन लगभग पिछले तीन वर्षों से इसी टूटे मैदान पर कुश्ती, एथलेटिक्स, कबड्डी, क्रिकेट के लगभग 80 खिलाड़ी सुबह शाम कई घंटे अभ्यास करते हैं।
अभ्यास के दौरान यहां आने वाली समस्यों पर खिलाड़ी दीपा, विक्रम पहलवान, सुनील, नरेश, दीपक, सतीश ने बताया कि जब से हमें ग्राम पंचायत की ओर से हमें यहां साढे़ छह किले का खेल का मैदान मिला है तभी से यहां खिलाडिय़ों को तमाम समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताा कि मैदान पर ना कोई चहारदीवारी है ना कोई मलभूत सुविधाएं है। सारा ट्रैक टूटा पड़ा है और घासफूस उगी हैं। अभ्यास के दौरान पीने के पानी की भी समस्या है। महिला खिलाड़ियों के लिए भी कोई अलग से व्यवस्था नहीं है।
ऐसे में खिलाड़ी यहां मैदान पर अभ्यास करने में काफी असुविधा महसूस करते हैं। टूटे मैदान के कारण कैसे निखरेगी खिलाडिय़ों की प्रतिभा। सरपंच सहित प्रशासन को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है ताकी खिलाडिय़ों को अच्छा मैदान व मुलभूत सुविधाएं मिल जाए ओर खिलाड़ी यहां अपने खेल के माध्यम से देश का नाम चमका सके। गांव के सरपंच रामभज ने बताया कि कुछ महिनों पहले हम सभी खिलाड़ी सहित आईजी कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री मनोहरलाल से मिले और उनके समक्ष हम सभी ने गांव खेल स्टेडियम बनवाने की मांग रखी तो पूर्व मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने हमें आश्वासन दिया की जल्दी ही इस मांग पर अमल किया जाएगा।
सरपंच रामभज ने कहा की उसके बाद यह मांग हमने जन संवाद में भी रखी ओर इसका एसटीमेट बनाने के लिए जेई को दे दिया था। पर अभी तक सरकार की ओर से काई भी आदेश आऐगा तो हम तुरंत खिलाड़ियों की समस्या दूर करने का प्रयास करेंगे। संवाद
कबड्डी खिलाड़ी सतीश ने कहा कि इस स्टेडियम में खिलाड़ियों को तमाम तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। लाइट का इंतजाम तक नहीं है। सुबह और शाम को अभ्यास के दौरान परेशानी होती है। सरकार से मांग है की जल्दी इस मैदान की ओर ध्यान दे ताकि खिलाड़ियों का भविष्य बन सके।
एथलेटिक्स खिलाड़ी मलकीत पाडला ने बताया कि वह अन्य खिलाड़ियों के साथ वर्षों से इस स्टेडियम में टूटे ट्रैक पर अभ्यास करते हैं। यहां खिलाड़ियों को तमाम समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। पीने के पानी तक की सुविधा नहीं है। मेरी मांग है कि जल्दी ही इस ओर सरकार ध्यान दें।