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Kaithal News: गेटपास में गड़बड़ी से धान घोटाला उजागर, छह सचिव पर की कार्रवाई

Sun, 07 Dec 2025 12:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। धान खरीद सीजन के दौरान मंडियों में गेटपास काटने में अनियमितताएं सामने आने के बाद जिले की छह मार्केट कमेटियों के सचिवों के िखलाफ चार्जशीट की कार्रवाई की गई है। इनमें कैथल, पूंडरी, चीका, कलायत, ढांड और सीवन के सचिव शामिल हैं।

मार्केटिंग बोर्ड के मुख्य प्रशासक मुकेश आहूजा द्वारा की गई इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि धान खरीद में गड़बड़ हुई है। यह कार्रवाई डीसी द्वारा भेजी गई जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है। मंडी कर्मचारियों में हड़कंप है, क्योंकि गेटपास काटने की प्रक्रिया में मंडी सुपरवाइजर्स और अन्य कर्मी भी
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शामिल होते हैं।

कई कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किए गए हैं। वहीं किसान संगठनों का कहना है कि करोड़ों रुपये के घोटाले में यह चार्जशीट सिर्फ खानापूर्ति है। उनका आरोप है कि मामले को दबाने के लिए डीसी-एसडीएम के तबादले कर दिए गए, जबकि असली दोषियों पर प्राथमिकी दर्ज कर निलंबन और रिकवरी होनी चाहिए।

सचिवों के स्टांप पत्र भी निकले झूठे ः मुख्य प्रशासक ने सभी सचिवों से स्टांप लगाकर लिखित ब्योरा मांगा था कि मंडियों में फर्जी गेटपास नहीं काटे गए। सभी सचिवों ने स्टांप पत्र जमा कराए, लेकिन जांच में यह पत्र झूठे निकले। जांच में स्पष्ट हुआ कि मंडियों में गलत तरीके से गेटपास काटे गए थे।

किसानों द्वारा लगाए गए फर्जी गेटपास के आरोप सही साबित हुए। आरोप है कि आढ़ती, राइस मिलर और सरकारी खरीद एजेंसी की साठगांठ से पीआर धान को एमएसपी से कम रेट पर खरीदा गया और बाद में उसी धान को सरकारी समर्थन मूल्य पर चढ़ाने का खेल खेला गया। किसानों के अनुसार यह पूरी तरह नियोजित ठगी थी।
इन सचिवों पर हुई कार्रवाई



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नरेंद्र ढुल- सचिव, कैथल मार्केट कमेटी

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सतबीर राविश- सचिव, चीका

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देवेंद्र मोर- सचिव, ढांड

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बलवान सिंह- सचिव, कलायत

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गुलाब सिंह- सचिव, पूंडरी

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मंजीत सिंह- सचिव, सीवन
करोड़ों का घोटाला दबाने का प्रयास ः भाकियू

भाकियू चढूनी के युवा प्रदेशाध्यक्ष विक्रम कसाना ने आरोप लगाया कि मंडियों में धान आए बिना ही फर्जी गेटपास काटे गए। उन्होंने कहा कि इस बार खेतों में प्रति एकड़ पैदावार 15-20 क्विंटल कम रही थी। कृषि विभाग के अनुमान भी इसी ओर इशारा करते थे, लेकिन मंडियों में पिछले वर्ष से करीब 1 लाख मीट्रिक टन ज्यादा आवक दिखाई गई। उन्होंने कहा कि यह साफ संकेत है कि कागजों में खरीद दिखाई गई और करोड़ों का घोटाला किया गया। उनका आरोप है कि अब इस पूरे मामले को दबाने के लिए डीसी–एसडीएम के तबादले किए गए और चार्जशीट की खानापूर्ति करके कार्रवाई को हल्का दिखाने की कोशिश की जा रही है।
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किस मंडी में कितनी हुई आवक और खरीद
(15 नवंबर शाम 5 बजे तक ः मीट्रिक टन में)

मंडी
आवक
खरीद

चीका
3,07,357
3,07,296

ढांड
1,54,396
1,53,720

एक्सटेंशन मंडी
88,651
88,651

कलायत 17530
17,303

नई मंडी
1,06,784
1,06,752

पुरानी मंडी
8716
8716

पूंडरी 96,180
96,180

सीवन
24,109
24,109
नियमों की अवहेलना मिलने पर चार्जशीट एक सामान्य प्रक्रिया है। धान खरीद में यदि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी में अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्ता पाई गई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। -मुकेश आहूजा, मुख्य प्रशासक, मार्केटिंग बोर्ड पंचकूला
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