संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले में धान कटाई का कार्य अंतिम पड़ाव पर है। अब तक जिले में 80 प्रतिशत कटाई का कार्य पूरा हो चुका है। इस बार पूरे जिले में तीन लाख 78 हजार एकड़ में है धान की बिजाई की हुई थी, जिसमें से तीन लाख सात हजार 500 एकड़ में धान की कटाई हो चुकी है। अब किसान गेहूं बिजाई के लिए खेत को तैयार करने में जुटे हुए हैं। इसके साथ-साथ पराली का प्रबंधन भी कर रहे हैं।
विदित रहे कि जिलेभर में एक हजार एकड़ के 11 हजार 50 किसान हैं, जिसका क्षेत्र एक लाख 10 हजार एकड़ है। इसके लिए किसानों ने पोर्टल पर सहायता राशि 11 करोड़ रुपये के लिए आवेदन किया है। वहीं धान के इस सीजन में अब तक फसल अवशेष जलाने के 154 मामले सामने आ चुके हैं। फसल अवशेष जलाने की एवज में किसानों पर तीन लाख 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया जा चुका है। बीते वर्ष की बात करें तो 21 अक्तूबर तक 161 मामले सामने आए थे।
सहायक कृषि अभियंता एवं फसल प्रबंधन के नोडल अधिकारी जगदीश मलिक ने कहा कि जिले में कटाई का 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। किसान गेहूं की जल्द बिजाई करने के लिए फसल अवशेषों में आग लगा रहे हैं, जो बहुत ही गलत है। उन्होंने कहा कि फसल अवशेषों का मशीन के साथ मिट्टी में दबाएं। इससे किसानों की आगामी फसल का उत्पादन बढ़ेगा, जबकि आग लगाने से वायु प्रदूषण बढ़ रहा है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।