फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kaithal News: करनाल और ढांड रोड पर बनेंगे ओवरब्रिज, जाम से मिलेगी राहत

Sun, 10 May 2026 12:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
विज्ञापन
करनाल रोड ​स्थित रेलवे ट्रैक से गुजरते वाहन। संवाद
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन


कैथल। वर्षों से रेलवे फाटकों पर लगने वाले जाम से परेशान शहरवासियों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। प्रशासन और रेलवे विभाग ने शहर के दो प्रमुख मार्गों करनाल रोड और ढांड रोड पर रेलवे ओवरब्रिज निर्माण की योजना पर काम शुरू कर दिया है। फिलहाल रेलवे विभाग इन पुलों की विस्तृत ड्राइंग और तकनीकी डिजाइन तैयार करने में जुटा हुआ है।

इन दोनों महत्वपूर्ण ओवरब्रिजों का निर्माण रेलवे और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के संयुक्त सहयोग से किया जाएगा। योजना के तहत रेलवे अपने हिस्से की ड्राइंग तैयार कर रहा है, जिसके बाद इसे अंतिम मंजूरी के लिए मुख्यालय भेजा जाएगा। वहीं पीडब्ल्यूडी विभाग ने भी अपने स्तर पर सर्वे का कार्य लगभग पूरा कर लिया है।
विज्ञापन


अधिकारियों का मानना है कि इन पुलों के निर्माण से शहर के अंदरूनी हिस्सों में यातायात व्यवस्था अधिक सुगम होगी और वाहनों की आवाजाही तेज होगी।

एलिवेटेड रोड की मांग के बीच लिया गया ओवरब्रिज का फैसला : शहर का एक बड़ा वर्ग लंबे समय से एलिवेटेड रोड बनाए जाने की मांग करता आ रहा है। व्यापारिक संगठनों और स्थानीय निवासियों का कहना है कि ओवरब्रिज बनने से नीचे की सड़कें संकरी हो जाती हैं और आसपास के दुकानदारों का कारोबार प्रभावित होता है।

लोगों का तर्क था कि यदि शहर के मुख्य हिस्सों में एलिवेटेड रोड बनाई जाती तो जाम की समस्या का अधिक प्रभावी समाधान हो सकता था। हालांकि सरकार ने वर्तमान परिस्थितियों और उपलब्ध बजट को देखते हुए फिलहाल ओवरब्रिज निर्माण की योजना को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है।

पीक आवर्स में लगता है लंबा जाम : करनाल रोड और ढांड रोड को शहर की लाइफलाइन माना जाता है। करनाल रोड से चंडीगढ़, दिल्ली और करनाल की ओर भारी ट्रैफिक गुजरता है, जबकि ढांड रोड कुरुक्षेत्र और अन्य कस्बों को जोड़ता है।

रेलवे फाटक बार-बार बंद होने के कारण इन मार्गों पर पीक आवर्स के दौरान कई किलोमीटर लंबा जाम लग जाता है। इससे एंबुलेंस, स्कूल बसों और आम यात्रियों को घंटों परेशानी झेलनी पड़ती है। अधिकारियों के अनुसार पुल बनने से न केवल लोगों का समय बचेगा, बल्कि ईंधन की खपत में भी कमी आएगी।
विज्ञापन


जैसे ही रेलवे विभाग ड्राइंग और डिजाइन को अंतिम रूप दे देगा, आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। विभाग का लक्ष्य अगले कुछ महीनों में कागजी औपचारिकताएं पूरी कर निर्माण कार्य धरातल पर शुरू करने का है।

सुरेंद्र कुमार, लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें