कैथल। डीसी प्रीति ने शुक्रवार को लघु सचिवालय के सभागार में जिला स्तरीय नार्काेटिक्स को-ओर्डिनेशन सेल (एनकोर्ड) की बैठक ली। इस बैठक में डीसी ने ड्रग कंट्रोलर व पुलिस विभाग की टीम को आपसी तालमेल से मेडिकल स्टोरों पर समय-समय निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
यह भी निर्देश दिए कि वे आपसी तालमेल से मेडिकल स्टोरों पर समय-समय निरीक्षण करते रहें और सभी मेडिकल स्टोर में सीसीटीवी कैमरा लगवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने एडीसी की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित करने के निर्देश भी दिए। यह कमेटी इस बात की जांच करेगी कि जिले में सबसे अधिक किस तरह की अधिकृत नशीली दवाई की खपत ज्यादा है।
इसके अलावा मनोरोग विशेषज्ञ की ओपीडी में आने वाले लोगों के डाटा का विश्लेषण किया जाए, ताकि इस बात का पता लगाया जा सके कि कहीं मनोरोग से संबंधित दवाइयों को गलत प्रयोग तो नहीं हो रहा।
डीसी ने कहा कि नशा एक सामाजिक बुराई है, इसे खत्म करने के लिए संबंधित विभागों के अधिकारी पुलिस के साथ तालमेल के साथ काम करें। सूचनाओं का आदान-प्रदान, नशे के विभिन्न तौर-तरीकों पर आपसी चर्चा, नशा प्रभावित क्षेत्रों में विशेष जागरूकता अभियानों के लिए सभी विभागीय अधिकारियों का आपसी तालमेल जरूरी है। इसके अलावा इस बुराई की समाप्ति के लिए प्रशासन के साथ-साथ आमजन की भागीदारी बहुत जरूरी है। जिले में अधिकृत नशीली दवाओें की बिक्री की मॉनिटरिंग के लिए एक कमेटी का गठन किया जाए।
इसके साथ ही एक विशेष अभियान चलाया जाए, जिसके तहत स्कूल, कालेज व गांव में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। गांव में सार्वजनिक स्थानों जैसे चौपाल, स्वास्थ्य केंद्र व स्कूलों में सुझाव पेटिका रखी जाए। जिसमें कोई भी नागरिक, स्कूल-कॉलेजों के बच्चे नशा करने वाले तथा नशा बेचने वालों के बारे जानकारी दे सकें। उन्होंने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि वे अपने अपने क्षेत्र में ग्राम पंचायतों तथा नंबरदारों के साथ बैठक करें और गांव में नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाते रहें।
साथ ही राजस्व विभाग के कर्मचारी चाहे पटवारी हों या अन्य कर्मचारी, वे अपने-अपने क्षेत्र में नशे के बारे में आला अधिकारियों को सूचना देंगे। इसके साथ-साथ एसडीएम अपने क्षेत्र के सरकारी व प्राइवेट नशा मुक्ति केंद्रों का दौरा करते रहें। डीसी प्रीति ने उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे नशा विरोधी जागरूकता अभियानों में कॉलेज विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करवाएं।
डीसी ने बैठक में नशामुक्ति अभियानों, जिले में पकडे़ जाने वाले नशीले पदार्थाें, न्यायालयों में लंबित नशे के केसों की प्रगति, नशे से जुड़े चिन्हित अपराधों, रेडक्रॉस के माध्यम से नशा विरोधी जागरूकता कार्यक्रमों की बारीकी से समीक्षा की और अधिकारियों को नशामुक्ति की दिशा में गंभीरता से काम करने के निर्देश दिए।
एसपी राजेश कालिया ने कहा कि पुलिस की ओर से समय-समय नशीले पदार्थाें की बिक्री रोकने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाती है, लेकिन यदि सभी विभागों से आपसी तालमेल के साथ सहयोग मिले तो इस दिशा में ओर अधिक कारगर कार्रवाई की जा सकती है। एडीसी ने नशामुक्ति केंद्रों के संबंध में पड़ोसी राज्य पंजाब के साथ डाटा साझा करने सहित आपसी सामंजस्य बैठाने के बारे सुझाव दिया।
सिविल सर्जन डॉ रेनू चावला ने डीसी प्रीति को अवगत करवाया कि जिले में नागरिक अस्पताल में एक मनोरोग चिकित्सक है, जो मंगलवार व शनिवार को गुहला स्थित उप मंडल अस्पताल में अपनी सेवाएं देते हैं और शेष दिनों में जिला नागरिक अस्पताल में उपलब्ध रहते हैं। कोई भी व्यक्ति जो नशा छोड़ना चाहता है वह संबंधित दिनों में मनोरोग चिकित्सक से ओपीडी में संपर्क कर सकता है।