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Kaithal News: नर्सिंग कोर्स से विदेशों में खुले रोजगार के द्वार

Fri, 12 May 2023 12:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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नसीब सैनी
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कैथल। नर्सिंग के क्षेत्र में बेटियों के लिए देश में ही नहीं अपितु विदेशों में भी अपार संभावनाएं हैं। सही जानकारी हो तो यहां से नर्सिंग का कोर्स कर बेटियां महज टिकट खर्च पर विदेश में

जाकर स्वास्थ्य क्षेत्र में सेवाएं दे सकती हैं। कैथल में 15 साल पहले शुरू हुए नर्सिंग कॉलेज से ही अब तक सौ से अधिक बेटियां नर्सिंग कोर्स कर विदेश में जाकर स्वास्थ्य क्षेत्र में काम कर रही हैं।
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पंजाब की फिरोजपुर निवासी कमलजीत कौर फिलहाल लंदन में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में कार्यरत हैं। उन्होंने 2017 में नर्सिंग कोर्स किया था। उन्हें उस समय जानकारी नहीं थी कि नर्सिंग कोर्स के आधार पर बिना खर्च का वीजा मिल सकता है। नर्सिंग के बाद वह स्टडी वीजा पर लंदन आईं। यहां बीएससी नर्सिंग किया। अब स्वास्थ्य क्षेत्र में काम कर रही हैं।

उन्होंने बताया कि लंदन आकर पता चला कि वीजा के लिए लाखों रुपये खर्च करने की आवश्यकता ही नहीं है। लंदन हो या इंग्लैंड के अन्य बड़े शहर हर तरफ नर्सिंग की काफी मांग है। यही नहीं ऑस्ट्रलिया, कनाडा सहित अन्य देशों में भी नर्सिंग क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। इसके लिए भारत से नर्स का कोर्स करने के बाद 7.5 बेंड लेकर आइलेटस करें, फिर ओईटी टेस्ट, सीबीटी टेस्ट, और ओएससीई कोर्स करें।

इन देशों में ऐसी बहुत सी वेबसाइट्स व अन्य फर्में काम करती हैं, जो उक्त तीनों कोर्स पास करने वाली लड़कियों को जॉब ऑफर करती हैं। इन्हें महज टिकट के खर्च पर इन देशों में पहुंच कर नर्स की जॉब मिल सकती है। लंदन में शुरुआती दौर में स्वास्थ्य क्षेत्र में हर माह दो हजार पाउंड यानि दो लाख रुपये तक का वेतन मिल सकता है। आगे जैसे-जैसे अनुभव होता है, उसी अनुसार आय बढ़ जाती है। बस जरूरत है सही दिशा में मेहनत कर आगे बढ़ने की।
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नर्सिंग क्षेत्र विशेषज्ञ और कैथल में नर्सिंग कॉलेज एमडी सुभाष संधू ने कहा कि बेटियों के लिए रोजगार को लेकर 15 साल पहले नर्सिंग कॉलेज शुरू किया था। यहां से अब तक एक हजार 70 बेटियां नर्स का कोर्स कर चुकी हैं। इनमें से आज कनाडा में 17, आस्ट्रेलिया में 26, अमेरिका में 12, न्यूजीलेंड में 10 बेटियां नर्स का कोर्स कर न सिर्फ स्वास्थ्य सेवा कर रही हैं, बल्कि अच्छी आर्थिक आय के साथ खुशहाल जीवन व्यतीत कर रही हैं। इसके अलावा नर्सिंग कॉलेज से अब तक कोर्स करने वाली 507 बेटियां सरकारी नौकरी तो 395 बेटियां प्राइवेट नौकरियों के माध्यम से आजीविका चला रही हैं। विदेशों में जो बेटियां नर्सिंग कोर्स के लिए जाती हैं, उन्हें कागजी कार्रवाई के लिए कॉलेज से भी कागजात लेने होते हैं। इसीलिए उन्हें पता चलता है कि आस्ट्रेलिया हो, अमेरिका हो, इंग्लैंड हो या अन्य देश, नर्सों की काफी डिमांड है। काम के लिए भरपूर मौके हैं। संवाद
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